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एक नहीं दो देश आपके कर्जदार…. उत्तराखंड की सुरंग से मजदूरों को निकालने वाले हीरो का ऑस्ट्रेलियाई संसद में सम्मान


उत्तराखंड में सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए चलाए गए अभियान के हीरो अर्नोल्ड डिक्स की ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने जमकर तारीफ की है। ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज ने संसद में कहा कि भारत के उत्तराखंड में 41 लोग सुरंग में फंस गए थे। इन लोगों की जिंदगी को बचाने की जद्दोजहद में प्रोफेसर डिक्स ने अपने हुनर से अहम रोल अदा किया। जिस तरह से उन्होंने एक बेहद मुश्किल ऑपरेशन को अंजाम देते हुए इन लोगों को बचाया और उनके परिवार से मिलाया वो एक असाधारण कहानी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों ने उनकी तारीफ की है। हम भी उनसे कहना चाहते हैं कि आप हमारे भी हीरो हैं और एक नहीं बल्कि दो देश अब आपके कर्जदार हैं। एक भारत और दूसरा ऑस्ट्रेलिया।
उत्तराखंड के उत्तराकाशी में 12 नवंबर को उस वक्त सबकी सांसें अटक गई थीं, जब मिट्टी धंसने से 41 मजदूर एक सुरंग में फंस गए थे। सुरंग से मजदूरों को बचाने के लिए कई तरह के जतन किए गए और कई लोगों ने इसके लिए कोशिशें की, जिसके बाद ये लोग बाहर आ सके। इन सबके बीच इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो बनकर उभरे थे ऑस्ट्रेलिया के अर्नोल्ड डिक्स। अर्नोल्ड ने दिनरात एक करते हुए इन मजदूरों की जान बचाने के लिए काम किया था। जिसके लिए ना सिर्फ भारत में उनकी तारीफ हो रही है बल्कि ऑस्ट्रेलिया ने भी उनको संसद में सम्मानित किया है।
अर्नोल्ड डिक्स ने दुनियाभर में बनाई है अपने काम से पहचान – उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे पर बन रह सुरंग में 12 नवंबर को मिट्टी धंसने से 41 मजदूर सुरंग में ही फंस गए थे। 17 दिनों तक चले लंबे ऑपरेशन के बाद सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय टनल एक्सपर्ट अर्नोल्ड डिक्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अर्नोल्ड डिक्स ऑस्ट्रेलिया के नागरिक हैं। करीब 30 साल से वह इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। डिक्स स्विट्जरलैंड के इंटरनैशनल टनलिंग ऐंड अंडरग्राउंड स्पेस असोसिएशन के चीफ भी हैं।
प्रोफेसर डिक्स एक भूविज्ञानी होने के साथ-साथ प्रोफेसर और वकील भी हैं। मेलबर्न के मोनाश विश्वविद्यालय से उन्होंने विज्ञान और कानून की पढ़ाई की है। अंडर-ग्राउंड निर्माण से जुड़े कामों में सुरक्षा और दूसरे पहलुओं को देखने के लिए दुनियाभर से उनको बुलाया जाता है। उत्तराखंड में पहले आठ दिन कोई रास्ता ना निकलते देख 20 नवंबर को उनको बुलाया गया था। पूरी स्थिति का मुआयना करने के बाद उन्होंने मजदूरों को बचा लेने का आश्ववासन दिथा। जो उन्होंने करके भी दिखाया। बचाव अभियान खत्म होने के बाद डिक्स ने पूरी टीम की जमकर तारीफ की थी।