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रूस ने मॉस्को में 40 इजरायली नागरिकों को हिरासत में लिया, खाना-पानी तो दूर, बाथरूम तक नहीं जाने दिया


रूस ने मॉस्को के डोमोडेडोवो हवाई अड्डे पर उतरे लगभग 40 इजरायलियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है। इसकी जानकारी रूस की विपक्षी मीडिया आउटलेट मेडियाजोना (Mediazona) ने सोमवार को दी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन इजरायली नागरिकों को ईरान यु्द्ध में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया। ये इजरायली नागरिक तेल अवीव से आई एक फ्लाइट से उतरे थे। इन लोगों में से कुछ के पास इजरायल और रूस दोनों देशों की नागरिकता भी थी। इसके बावजूद इन इजरायली नागरिकों के साथ रूस में दुर्व्यवहार किया गया।
इजरायली नागरिकों को बाथरूम तक नहीं जाने दिया गया – मेडियाजोना ने बताया गया है कि रूसी अधिकारियों ने हिरासत में रखने के दौरान इजरायली नागरिकों को खाना, पानी या बाथरूम की सुविधा तक नहीं दी। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि रूसी सुरक्षा अधिकारियों ने इजरायली यात्रियों से अपने फोन अनलॉक करने की मांग की, लेकिन यात्रियों ने मना कर दिया। आखिरकार, रूसी अधिकारियों ने सभी मोबाइल फोन को बंद करवाने पर ही संतोष कर लिया।
जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, विदेश मंत्री गिदोन सार ने मंत्रालय के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे रूसी विदेश मंत्रालय और मॉस्को स्थित इजरायली दूतावास के साथ मिलकर कार्रवाई करें। इस हस्तक्षेप के बाद, यह मामला सुलझ गया और इजरायलियों के प्रवेश को मंजूरी दे दी गई। इजरायली विदेश मंत्रालय
इजरायली नागरिकों को रूस ने दी चेतावनी – आउटलेट ने बताया कि इन इजरायलियों को बातचीत के लिए बुलाया गया, जिसके दौरान कथित तौर पर उनमें से कुछ को बताया गया कि ईरान रूस का सहयोगी है, और जो ईरान का दुश्मन है, वह रूस का भी दुश्मन है। इसके बाद इजरायलियों से कहा गया कि मॉस्को में उनका आना “स्वागत योग्य नहीं” है और वे “बेकार ही यहां आए हैं।”आउटलेट ने बताया कि रिहा करने से पहले, उनसे ऐसे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए जिनमें कानून तोड़ने के जोखिमों के प्रति चेतावनी लिखी हुई थी।
इजरायली विदेश विभाग ने घटना की पुष्टि की – सूत्र ने मेडियाजोना को बताया कि कागज सौंपते समय रूसी सुरक्षा अधिकारियों का व्यवहार “बहुत ही सख्त और सावधानी भरा” था। इजरायली सूत्र ने इस घटना की पुष्टि की, लेकिन यात्रियों की संख्या पर असहमति जताई। एक इजरायली सूत्र ने Ynet से बातचीत में कहा कि इसमें शामिल इजरायलियों की संख्या “बताई गई संख्या से कम है, हालांकि बहुत ज्यादा कम नहीं।” इस घटना की पुष्टि बाद में विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने भी की।