
पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कॉपर (तांबे) के आयात पर 50% का भारी शुल्क लगाने का ऐलान किया। इससे दुनिया भर में सामान की सप्लाई करने वाली कंपनियों में हलचल मच गई है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योगों में भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, यह कदम मुख्य रूप से अमेरिका में तांबे का उत्पादन बढ़ाने के लिए उठाया गया है। लेकिन, भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इसका असर भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने के प्रयासों पर भी पड़ सकता है।
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इंडस्ट्री का कहना है कि भारत को उच्च गुणवत्ता वाले तांबे के सामान के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में, अगर दुनिया भर में व्यापार में रुकावटें आती हैं तो भारत के लिए मुश्किल हो सकती है। उन्होंने भारत सरकार से तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि सरकार को न केवल आयात के नियमों को आसान बनाना चाहिए और BIS सर्टिफिकेशन को सरल बनाना चाहिए, बल्कि उच्च श्रेणी के तांबे के मिश्रण और इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप बनाने के लिए जरूरी सामान के घरेलू उत्पादन में भी निवेश करना चाहिए।
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