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‘यह एक निर्मम हत्या’, पीए मर्डर केस में सुवेंदु अधिकारी की पहली प्रतिक्रिया, टीएमसी ने भी किया ट्वीट


पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) दी गई। सुवेंदु अधिकारी के इस वारदात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक बेरहमी से की गई हत्या है। अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह हमला पहले से ही सुनियोजित था और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अभी भी सक्रिय हैं। बीजेपी की सरकार बनने के बाद, पार्टी से जुड़ाव या बिना किसी भेदभाव के सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बीजेपी नेता या कार्यकर्ता हिंसा भड़काते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि 4 मई को बंगाल चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद से राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आ रही है। इस दौरान कई लोगों पर जानलेवा हमले हुए हैं।
जानें पूरा मामला – जानकारी के अनुसार, मध्यग्राम इलाके में चंद्रनाथ को गोली मारी गई। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पास के डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हत्या का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया गया है। वारदात की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में जुट गई है और हमलावरों की तलाश जारी है।
टीएमसी ने क्या कहा – इस हत्याकांड की निंदा करते हुए टीएमसी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि हम आज रात मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। इसके साथ ही, हम पिछले तीन दिनों में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं में तीन अन्य TMC कार्यकर्ताओं की हत्या की भी निंदा करते हैं। आरोप है कि ये हिंसक वारदातें BJP-समर्थित उपद्रवियों द्वारा की गई हैं, जबकि उस समय ‘आचार संहिता’ लागू थी। हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं, जिसमें अदालत की निगरानी में CBI जांच भी शामिल है। टीएमसी ने आगे लिखा किदोषियों की पहचान हो सके और उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके। लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है। दोषियों को जल्द से जल्द जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।