
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर नेपाल में बाढ़ के दौरान लापता भारतीयों को बचाने के लिए सरकार की कोशिशों की तारीफ की और साथ ही कुछ सुझाव भी दिए। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद कई भारतीय अभी भी लापता हैं। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इनकी संख्या 287 है।
थरूर ने अपने पत्र में नरेंद्र मोदी सरकार से बचाव कार्यों के लिए NDRF की पूरी टीम और भारी सामान उठाने वाले हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने सरकार से अपील की कि फंसे हुए लोगों या मलबे के नीचे दबे हो सकने वाले जीवित लोगों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जाए। तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने पत्र में कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है। उम्मीद की गुंजाइश कम होती जा रही है।
भारत के कदमों से फर्क पड़ा – थरूर ने कहा कि मैं आपको उन भारतीय नागरिकों के बारे में लिख रहा हूं, जो 26 अगस्त को नेपाल में आए अचानक बाढ़ के बाद से लापता हैं। भारत की प्रतिक्रिया तेज और असरदार रही है। प्रधानमंत्री का काठमांडू से तुरंत संपर्क करना, राहत सामग्री की चार खेपें भेजना, डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की ग्यारह सदस्यीय टीम भेजना और कंट्रोल रूम व दूतावास की हेल्पलाइन शुरू करना-इन सभी कदमों से फर्क पड़ा है।
मध्य नेपाल के कस्बे और गांव तबाह – बता दें कि बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से बर्फ और चट्टानों का एवलांच आया, जिससे पानी, कीचड़ और मलबे का सैलाब नीचे की ओर बह निकला। इसने मध्य नेपाल में कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और पनबिजली स्टेशनों को बहा ले गया। शनिवार को मध्य नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 669 हो गई, क्योंकि और शव बरामद किए गए, जबकि 2,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। सभी आठ प्रभावित जिलों से शव बरामद किए गए हैं और युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान जारी है।
थरूर ने जयशंकर को पत्र में क्या कहा? – अपने पत्र में शशि थरूर ने कहा कि नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और उनकी टीम ने दिन-रात काम किया है। तिब्बत से उस समूह की वापसी जिसका आपने खुद एयरपोर्ट पर स्वागत किया था, उसने कई परिवारों को तीन दिनों में उम्मीद की पहली किरण दिखाई। तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा कि त्रिशूली-1 में भारतीय कर्मचारियों को बचाना एक बड़ी कामयाबी थी। परिवारों ने इन सभी बातों पर ध्यान दिया है। कई लोगों ने मुझसे कहा है कि मैं व्यक्तिगत रूप से आपका आभार व्यक्त करूं, और मुझे ऐसा करने में खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से मैं यह आग्रह करने के लिए मजबूर महसूस कर रहा हूं कि हमारी कोशिशें अब उस घटना के पैमाने और गंभीरता के अनुरूप होनी चाहिए जो हुई है।
Home / News / ‘समय बीत रहा, उम्मीद कम होती जा रही’, नेपाल हादसे को लेकर शशि थरूर ने एस जयशंकर को लिखा पत्र, काम की जमकर की तारीफ
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website