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पाकिस्तानी सेना करेगी खेती, पंजाब में लाखों एकड़ जमीन पर किया ‘कब्‍जा’, टैंक छोड़ ट्रैक्टर क्‍यों चलाने जा रही?


पाकिस्तान की सेना अपनी राजनीति में दिलचस्पी के लिए खूब जानी जाती है लेकिन अब पाक फौज खेती करने की तैयारी रही है। पंजाब के चोलिस्तान में पाक सेना खेतीबाड़ी का प्लान बना रही है। दरअसल चोलिस्तान में पाक सरकार उस जमीन पर खेती करने जा रही है, जो उसके अपने पास है लेकिन एक एग्रीमेंट के तहत पाक सेना का भी इस प्रोजेक्ट में बड़ा हिस्सा रहने वाला है। पाक सेना को 4.8 लाख एकड़ जमीन इस एग्रीमेंट के तहत मिली है। पाक सेना और सरकार खेती से लोगों के होते मोहभंग को दूर करने के लिए इस कदम को उठा रही है।
पाक सेना को ये जमीन दिए जाने से ये सवाल भी उठ रहे हैं कि सार्वजनिक भूमि को सेना अपने फायदे के लिए क्यों इस्तेमाल कर रही है। पाकिस्तान सरकार ने तर्क दिया है कि कॉर्पोर्ट फार्मिंग देश की करीब 24 करोड़ आबादी का पेट भरने के लिए जरूरी है क्योंकि हाल के सालों में खाद्य पदार्थों की महंगाई बड़ी समस्या बनकर उभरी है और देश पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। पाक सेना का कहना है कि वह इसल प्रोजेक्ट के जरिए देश की मदद करने की कोशिश कर रही है। इसका उद्देश्य सेना के कंट्रोल के खेतों से फसल उत्पादन को बढ़ावा देना है।
इस साल शुरू हो जाएगा प्रोजेक्ट – पाक सेना ने अपने खेती के इस प्रोजेक्ट को खाद्य सुरक्षा अभियान का नाम दिया है, जो इस साल शुरू हो जाएगा। इस योजना को लेकर दावा किया जा रहा है कि इससे पानी की बचत करते हुए फसल की बेहतर पैदावार की जाएगी। प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों की मानें तो इससे होने वाले मुनाफे की रकम से 20 प्रतिशत कृषि अनुसंधान और विकास के कामों में लगाया जाएगा। जिससे पूरे देश में खेती की हालत को सुधारा जा सके। बाकी लाभ सेना और सरकार के खाते में जाएगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट में ये भी दिलचस्प पहलू है कि सेना को ये जमीन पंजाब के चोलिस्तान में दी गई है, ये रेगिस्तान का इलाका है और यहां पानी की काफी कमी है। ऐसे में ज्यादातर जमीन खाली पड़ी है और सरकारी भूमि है। प्रोजेक्ट का समर्थन करने वालों का कहना है कि रेगिस्तान की जमीन में खेती करना किसानों के बस का नहीं है लेकिन सेना यहां निवेश कर इसे खेती योग्य बना सकती है।