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ईरान से अर्जेंटीना की कैसी दुश्मनी, पहले IRGC पर लगाया प्रतिबंध, अब प्रभारी राजदूत को निकाला


मध्य पूर्व संघर्ष के बीच दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना ने ईरान के खिलाफ अप्रत्याशित प्रतिक्रिया दी है। उसने पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आधिकारिक तौर पर एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। अब अर्जेंटीना की सरकार ने ईरान के चार्ज डी अफेयर्स मोहसिन तेहरानी को “पर्सोना नॉन ग्राटा” (अवांछित व्यक्ति) घोषित कर दिया है। अर्जेंटीना के विदेश मंत्री ने बताया है कि तेहरानी को 48 घंटों के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है।
ईरान ने अर्जेंटीना पर क्या आरोप लगाए हैं? – अर्जेंटीना ने यह ऐलान ईरानी विदेश मंत्रालय के बुधवार को दिए गए बयान के जबाव में किया है। अपने बयान में ईरान ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली और विदेश मंत्री पाब्लो क्विरनो पर ईरान के क्षेत्र में हुए सैन्य हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया था। उसने राष्ट्रपति माइली और विदेश मंत्री पाब्लो क्विरनो को ईरान की संप्रभुता के खिलाफ सैन्य हमलों में “सह-अपराधी” बताया था। ईरान ने दावा किया कि अर्जेंटीना का फैसला पूरी तरह से अमेरिका और इजरायल के राजनीतिक दबाव में लिया गया है और यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
अर्जेंटीना ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया – अर्जेंटीना ने इसी हफ्ते ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आधिकारिक तौर पर एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है। अर्जेंटीना ने IRGC पर 1994 में ब्यूनस आयर्स में हुए AMIA यहूदी केंद्र बम धमाके में हिजबुल्लाह को समर्थन देने और सीधे शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में 85 लोग मारे गए थे। इस घोषणा के बाद अब अर्जेंटीना में IRGC की संपत्तियों को फ्रीज किया जा सकेगा और उन पर कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे। हालांकि, ईरान पर इन प्रतिबंधों का असर बहुत कम ही होगा।
किसी देश की आधिकारिक सेना को आतंकी बताना द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इससे ईरान के साथ अर्जेंटीना के संबंध और ज्यादा खराब होंगे।
ईरान ने दी तीखी प्रतिक्रिया – इस ऐलान के साथ ही अर्जेंटीना अब अमेरिका, कनाडा और इजरायल जैसे देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने पहले ही IRGC को आतंकी समूह घोषित किया हुआ है। इससे पहले जनवरी 2026 में अर्जेंटीना ने IRGC की विदेशी शाखा, कुद्स फोर्स को भी आतंकी संगठन घोषित किया था। तेहरान ने आरोप लगाया कि अर्जेंटीना का यह फैसला इजरायल और अमेरिका के दबाव में लिया है। उसने कहा है कि आईआरजीसी पर प्रतिबंध लगाना एक खतरनाक मिसाल पेश करता है, जिसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।