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केतन कावा कौन हैं? ₹8000 करोड़ी ‘माइकल’ मूवी में आवाज के कायल हुए लोग, 15 साल पहले दुनिया से छुपाते थे सरनेम


‘किंग ऑफ पॉप’ माइकल जैक्‍सन की बायोपिक ‘माइकल’ ने दुनियाभर में धूम मचा दी। वर्ल्‍डवाइड ₹8,012 करोड़ की ग्रॉस कमाई का रिकॉर्ड बनाने वाली यह फिल्‍म अब OTT पर रिलीज हो चुकी है। फ‍िल्‍म में माइकल जैक्‍सन के भतीजे जाफर जैक्‍सन ने लीड रोल प्‍ले किया है। जबकि ह‍िंदी डब वर्जन में उन्‍हें आवाज दी है केतन कावा ने। जब से फ‍िल्‍म की ड‍िज‍िटल स्‍ट्रीम‍िंग शुरू हुई है, केतन चर्चा में हैं। एक ताजा इंटरव्‍यू में उन्‍होंने बताया है क‍ि कैसे 15 साल पहले उन्‍होंने डबिंग आर्टिस्‍ट के तौर पर करियर शुरू किया था।
वॉइस आर्टिस्ट केतन कावा ने माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ में जाफर जैक्सन के लिए हिंदी आवाज दी है। 15 साल की उम्र में डबिंग शुरू करने वाले केतन कावा के लिए ये अब तक के सबसे चुनौतीपूर्ण किरदारों में से एक रहा, क्योंकि उन्हें सिर्फ आवाज मैच नहीं करनी थी, बल्कि हर सीन की इमोशन्स् और किरदार के अलग-अलग शेड्स को भी आवाज में उतारना था।
15 साल की उम्र में शुरू किया डबिंग का सफर – ज्यादातर एक्टर्स के लिए कैमरा और सेट उनकी परफॉर्मेंस का अहम हिस्सा होते हैं, लेकिन वॉइस आर्टिस्ट को बिना इन सबके ही किरदार में जान डालनी होती है। उनके पास सिर्फ एक माइक्रोफोन, हेडफोन और स्क्रीन पर लिखी कुछ लाइनें होती हैं, जिनके जरिए वो इमोशन्स् को आवाज में उतारते हैं। केतन कावा ने इसी चुनौतीपूर्ण दुनिया में सालों तक काम किया है और महज 15 साल की उम्र में डबिंग की शुरुआत की थी।
‘माइकल’ में मिला सबसे मुश्किल किरदार – उनके हालिया असाइनमेंट ने उन्हें शायद अब तक का सबसे मुश्किल करेक्टर दिया। केतन ने पॉप आइकन माइकल जैक्सन की जिंदगी पर बनी बायोपिक ‘माइकल’ में जाफर जैक्सन के लिए हिंदी आवाज दी। ये फिल्म दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर एक बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने वाली पहली बायोपिक बनी। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ इंटरव्यू में केतन ने कहा कि दुनिया के सबसे मशहूर परफॉर्मर्स में से एक से जुड़े किरदार को निभाना सिर्फ एक जैसी आवाज होने से कहीं ज्यादा था। उन्हें जाफर जैक्सन की परफॉर्मेंस को फॉलो करने के साथ अपनी आवाज को हर सीन के मूड और इमोशनल उतार-चढ़ाव के मुताबिक ढालना था। केतन ने कहा, ‘मुझे आवाज और पिच को मैच करना था! मैं इसका श्रेय जाफर जैक्सन को दूंगा, क्योंकि उन्होंने बहुत अच्छा अभिनय किया था। मुझे यह पक्का करना था कि न सिर्फ मेरी आवाज, बल्कि मेरे बोलने के अंदाज और भावनाएं भी तालमेल में हों। यह एक शानदार अनुभव था।’
‘मुझे अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी आवाज में बदलाव करना पड़ता है। मैं 15 सालों से काम कर रहा हूं और कब तक मैं अपनी ही आवाज में काम कर सकता हूं। ‘माइकल’ के लिए भी मुझे इसे बदलना पड़ा।’
केतन को हर सीन में बदलनी पड़ी आवाज – केतन ने बताया कि अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए उन्हें अपनी आवाज में बदलाव करना पड़ता है।’माइकल’ में भी उन्हें आवाज को नरम लेकिन मजबूत रखना था और उसमें उदासी झलकनी चाहिए थी। उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी आवाज में बदलाव करना पड़ता है। मैं 15 सालों से काम कर रहा हूं और कब तक मैं अपनी ही आवाज में काम कर सकता हूं। ‘माइकल’ के लिए भी मुझे इसे बदलना पड़ा; आवाज को नरम लेकिन मजबूत होना था, और मुझे यह भी पक्का करना था कि आवाज में उदासी झलके। मेरे लिए, हर सीन एक चुनौती थी क्योंकि हर सीन में एक अलग पहलू था। मुझे याद है कि एक सीन में माइकल अपनी टीम बना रहे हैं, उन्हें प्रेरित कर रहे हैं और नए आइडियाज के साथ काम करना चाहते हैं, जैसे स्विमिंग पूल वाला सीन, तो किरदार के कई शेड्स थे।’
अंकल को देखकर डबिंग में आए थे केतन कावा – डबिंग में केतन का आना कोई इत्तफाक नहीं था। उनके दो चाचा डबिंग आर्टिस्ट थे और उन्हें काम करते देखकर केतन इस फील्ड से जुड़े। स्कूल की छुट्टियों में वो उनके साथ डबिंग के लिए जाने लगे। उन्होंने बताया, ‘मेरे दो अंकल डबिंग आर्टिस्ट थे और उन्हीं से मुझे इस फील्ड के बारे में पता चला। मैंने उन्हें डबिंग के लिए जाते हुए देखा है और छुट्टियों में मैं भी उनके साथ जाया करता था। मैंने वॉइस एक्टिंग की इस दुनिया को जाना, जो एक्टिंग से बिल्कुल अलग है। यहां न तो लाइट्स होती हैं, न सेट और न ही कैमरा। बस एक हेडफोन, एक माइक्रोफोन और एक छोटा सा कमरा होता है, जहां हमें उन भावनाओं को दिखाने के लिए पूरा माहौल बनाना पड़ता है।’
कॉलेज में प्रोफेशन के तौर पर अपनाई डबिंग – कॉलेज के पहले साल में उन्होंने खुद इस पेशे को अपनाना शुरू किया। दिलचस्प बात ये है कि शुरुआती ऑडिशन के दौरान वो अपना सरनेम नहीं बताते थे, क्योंकि अगर वो फेल हो जाते तो नहीं चाहते थे कि उनके अंकल की साख पर कोई असर पड़े। केतन ने कहा, ‘मैंने कॉलेज के पहले साल में डबिंग शुरू की थी। मेरे अंकल डबिंग के काम से जुड़े हैं और मैंने उनकी मदद से ही शुरुआत की थी। शुरू में मैं अपना सरनेम नहीं बताता था, इस उम्मीद में कि अगर मेरा काम अच्छा न हो, तो मैं उन्हें निराश न करूं। मैंने कई ऑडिशन दिए और कई दिलचस्प किरदार निभाए। मैंने सालों तक ‘टीन टाइटन्स गो!’ में रॉबिन और ‘बेब्लेड’ में काई हिवातरी का किरदार निभाया, जिन्हें बहुत पसंद किया गया। मैंने कई शो में जानवरों की आवाज में डबिंग करने की भी कोशिश की। जैसे नेटफ्लिक्स पर ‘शार्कडॉग’! नतीजतन, मुझे अपनी आवाज पर लगातार ध्यान देना पड़ता है, उसे बनाए रखना पड़ता है और मैं अलग-अलग जॉनर में अपनी आवाज के साथ नए प्रयोग करता रहता हूं।’
‘माइकल’ में जाफर ने निभाया माइकल का किरदार – ‘माइकल’ एक बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म है, जो 24 अप्रैल 2026 को रिलीज हुई। एंटोनी फुक्वा के निर्देशन और ग्राहम किंग के निर्माण में बनी यह फिल्म पॉप आइकन माइकल जैक्सन के जीवन और करियर को दिखाती है। फिल्म में माइकल के असली भतीजे जाफर जैक्सन ने बड़े होने पर ‘किंग ऑफ पॉप’ की भूमिका निभाई है, जबकि जूलियानो क्रू वाल्डी ने बचपन के माइकल का किरदार निभाया है।