
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने रविवार को एक वीडियो क्लिप का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें कथित तौर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक चुनावी रैली के दौरान अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ ‘अपमानजनक’ भाषा का इस्तेमाल करती हुई नजर आ रही हैं। एनसीएससी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर नोटिस मिलने के तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
आयोग ने 26 अप्रैल को ‘कोलकाता टीवी’ पर प्रसारित एक वीडियो का हवाला दिया, जिसमें बनर्जी द्वारा हाल में कोलकाता के चौरंगी इलाके में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सिलसिले में अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करते हुए कथित तौर पर की गई टिप्पणियों का जिक्र था।
नोटिस में कहा गया है कि आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अनुसचित जाति के खिलाफ किये गये अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल वाले वीडियो का स्वत: संज्ञान लिया है और उसकी जांच करने का निर्णय लिया है।
एनसीएससी के अध्यक्ष ने क्या कहा – एनसीएससी के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने कहा कि आयोग अनुसूचित जातियों के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा वह किसी भी स्तर पर जाति आधारित अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा।
इस मुद्दे को लपकते हुए भाजपा ने आरोप लगाया कि बनर्जी खुद को गरीबों और हाशिए पर रहने वालों की आवाज बताती हैं, फिर भी खुलेआम उन्हीं समुदायों का अपमान करती हैं जिनकी रक्षा करने का वह दिखावा करती हैं।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने क्या कहा – भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि यही है असली तृणमूल कांग्रेस – दलित विरोधी, उच्चतम न्यायालय विरोधी और संविधान विरोधी। बंगाल के दलितों को लंबे समय से धोखा दिया जा रहा है। अब इस दिखावे को समझने का समय आ गया है।
Home / News / ममता बनर्जी की बढ़ेंगी मुश्किलें? राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने अपमानजनक वीडियो का लिया संज्ञान
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