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होर्मुज से डरकर 1,000 किलोमीटर दूर भाग खड़ा हुआ अमेरिकी जहाज, वहां भारत ने उतार दिया जंगी बेड़ा


अमेरिका-ईरान की जंग अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है। अब भी हालात ये हैं कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलवा पा रहा है, जहां के आसपास के समंदर में 1,000 से ज्यादा मालवाहक तेल-गैस के जहाजी टैंकर फंसे हुए हैं। अमेरिका की सारी ताकत होर्मुज के दरवाजे पर आकर फुस्स हो जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ऑयल टैंकरों को होर्मुज में ईरान की समुद्री बारूदी सुरंगों से खतरा है। ऐसे में अमेरिकी नौसेना का माइनस्वीपर जहाज हजारों मील दूर जा खड़ा हुआ है, क्योंकि होर्मुज इतना संकरा है कि अमेरिका के बड़े जंगी जहाज वहां लड़ नहीं पा रहे हैं। यहां तक कि अमेरिका ने अपने विशाल जंगी बेड़े जैसे USS अब्राहम लिंकन तक को ईरान के तट से करीब 1,000 किलोमीटर दूर तैनात कर रखा है। वहीं, भारत ने होर्मुज में अपने नौसैनिक युद्धपोतों को उतार दिया, ताकि वहां से भारत आने वाले शिवालिक और नंदा देवी जैसे जहाजों को सुरक्षा दी जा सके।
अमेरिका के माइनस्वीपर्स से लदा जहाज लौटा – द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के पास फिलहाल माइनस्वीपर जहाज तो हैं, मगर वो इतने विशाल हैं कि वो होर्मुज के संकरे गलियारे (24 मील) में ईरान के खिलाफ जंग नहीं लड़ सकते हैं।
बीते सोमवार को एक विशाल कार्गो शिप M/V Seaway Hawk अमेरिका के फिलाडेल्फिया तट पर पहुंचते देखा गया। इसमें एवेंजर क्लास माइन काउंटरमेजर जहाज देखे गए, जो हजारों मील दूर अमेरिका के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर तैनात था। युद्ध के पहले ही ये जहाज वापस बुला लिया गया, जिसमें चार माइनस्वीपर्स पोत थे।
ईरान की माइनलेयर्स अमेरिकी जहाजों के लिए बड़ा खतरा – द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज के दरवाजे पर ऑयल-गैस के 1,000 से ज्यादा जहाजी टैंकर फंसे हुए हैं, जो स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। ईरान ने छोटे-छोटे माइन बोट तैयार कर रखे हैं, जो होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाती हैं।
होर्मुज के पास तक क्यों नहीं जा पा रहा अमेरिका – अमेरिकी सैन्य प्लानर्स यह बात अच्छी तरह से समझते हैं कि अगर होर्मुज के पास उनका कोई जहाज आया तो ईरान अपनी समुद्री सुरंगों और ड्रोंस से हमला कर सकता है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन इसका करारा जवाब नहीं दे पाएगा।
कुछ एनालिस्टों ने यह दांव लगाया था कि ईरान अपने तेल को निर्यात करने के लिए होर्मुज को खोलेगा, मगर तेहरान ने इससे भी ज्यादा सख्त अप्रोच अपनाया है।
अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने भी बीते बृहस्पतिवार को कहा था कि अमेरिकी नौसेना जहाजों को एस्कॉर्ट नहीं कर पा रही है। हम इसके लिए तैयार नहीं हैं। हमारे सभी सैन्य जखीरे ईरान के सैन्य सोर्स को तबाह करने पर फोकस किए हुए हैं।
अमेरिका ने हालांकि अपने परमाणु युद्धपोत ताकतवर यूएसएस अब्राहम लिंकन को ईरान के तट से करीब 1,000 किलोमीटर दूर तैनात किए हुए है। इसे चीनी सैटेलाइट से भी देखा गया है।