
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के ब्रिटेन दौरे ने सिख प्रवासी समुदाय में फूट को सामने ला दिया है। ब्रिटेन के सिख समूहों ने एक गुरुद्वारा में RSS चीफ के स्वागत को लेकर विरोध जताया है। अब इस मामले पर गुरुद्वारे की सफाई आई है और स्वागत के फैसले का बचाव किया है। यह विवाद लंदन के खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारे में मोहन भागवत के दौरे से जुड़ा है।
मोहन भागवत ने इसी सप्ताह गुरुद्वारा का दौरा किया गया था, जहां उनका स्वागत किया गया था। इसे लेकर ब्रिटेन के सिख समुदाय में अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। सिख फेडरेशन (UK) ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर दर्जनों गुरुद्वारों, सिख संगठनों और व्यक्तियों ने उनसे संपर्क किया है और अपनी नाराजगी जाहिर की है।
सिख फेडरेशन ने जताया विरोध – फेडरेशन ने एक बयान में कहा कि कोई भी माफी या स्पष्टीकरण उस नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता, जो संगत की मौजूदगी के बिना RSS प्रमुख की एक छोटी निजी सभा में स्वागत करने से हुआ है। सिख फेडरेशन (UK) के स्ट्रैटेजी बोर्ड के अध्यक्ष भाई अमरीक सिंह ने कहा कि RSS कोई सामान्य धार्मिक या सांस्कृतिक संगठन नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक और वैचारिक आंदोलन बताया।
गुरुद्वारे ने कार्यक्रम का किया बचाव – वहीं, खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारे ने इस कार्यक्रम का बचाव किया है। गुरुद्वारा के अध्यक्ष के हवाले से ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया कि भागवत का दौरा दर्शन के लिए था और गुरुद्वारा राजनीतिक या वैचारिक मान्यताओं से परे सभी के लिए खुला है। बस सिख मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए।
गुरप्रीत सिंह ने आगे कहा कि किसी व्यक्ति को गुरुद्वारे में आने की अनुमति देने को उस व्यक्ति, उनके संगठन या उसकी राजनीति का समर्थन नहीं समझा चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भागवत ने इस दौरान न तो संगत को संबोधित किया और न ही खालसा जत्था से कोई संस्थागत मंजूरी ली। आनंद ने यह भी कहा कि RSS के बारे में सभी सिखों की राय एक जैसी नहीं है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग बातचीत को अलग-थलग करने से बेहतर मानते हैं।”
Home / Uncategorized / ‘गुरुद्वारे में आने की अनुमति को राजनीति से नहीं जोड़ें’, मोहन भागवत के कार्यक्रम के विरोध पर ब्रिटिश गुरुद्वारे ने दी सफाई
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