
भारत इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स देशों के नेता जुटेंगे। लेकिन इस बार का ब्रिक्स समिट ईरान युद्ध के साए में हो रहा है। नई दिल्ली समिट से ठीक पहले भारत के दोनों ही अच्छे दोस्त ईरान और संयुक्त अरब अमीरात में ठन गई है जिससे एक साक्षा बयान पर सहमति नहीं बन पा रही है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ईरान और UAE के अलग-अलग रुख के कारण नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की कामयाबी पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं।
द हिंदू बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि भारत 11 सदस्यों के बीच मतभेदों को दूर करने और एक साझा बयान पर सहमति बनाने की कोशिशें तेज कर रहा है। लेकिन इस चुनौती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस साल की शुरुआत में हुई ब्रिक्स की दो अहम बैठकें पहली विदेश मंत्रियों और दूसरी व्यापार मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े मतभेदों के कारण कोई साझा बयान जारी नहीं कर सकीं।
इस विवाद की जड़ में पिछले महीने ईरान और यूएई की तरफ से उठाए गये दो कदम है। यूएई ने ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का आरोप लगाते हुए उसके साथ व्यापार बंद करने की घोषणा कर दी और यहां से भारत के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से क्या नहीं निकल पाएगा साझा बयान? – एक अधिकारी ने ‘बिजनेसलाइन’ को बताया ‘भारत अब ‘शेरपा चैनल’ का सहारा ले रहा है जिसके प्रतिनिधि समिट से पहले मतभेदों को कम करने के लिए अपने समकक्षों के संपर्क में हैं।’ अधिकारी ने कहा ‘ब्रिक्स आम सहमति पर आधारित ढांचा है। हम जो भी चर्चा करते हैं उसका मकसद बातचीत के जरिए आम सहमति बनाना होता है। अध्यक्ष के तौर पर भारत की कोशिश रही है कि हर मुद्दे पर सभी सदस्यों के बीच बातचीत, जुड़ाव और चर्चा बनी रहे।’
Home / Uncategorized / दिल्ली में ब्रिक्स समिट से पहले ईरान-UAE में ठनी, साझा बयान पर नहीं बन पा रही सहमति? भारत को टेंशन
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