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पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में सैन्य विद्रोह, राजधानी में गोलीबारी और धमाके, जुंटा शासक चियानी के बारे में जानकारी नहीं

पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी में सैनिकों के एक समूह ने विद्रोह कर दिया है। राजधानी नियामे गोलीबारी और धमाके की आवाजें सुनी गई हैं। इसे देश की सत्ताधारी जुंटा (सैन्य सरकार) के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। समाचार एजेंसी एपी ने बताया कि इस घटना में दर्जनों सैनिक या तो मारे गए या गिरफ्तार किए गए। नाइजर के सरकारी टीवी RTN ने बताया कि कई जगहों पर सुरक्षा बलों और बागी सैनिकों के बीच कई घंटे तक लड़ाई चली जिससे हालात को काबू पाने में मदद मिली।
रूस ने बगावत को रोकने में की मदद – एसोसिएटेड प्रेस ने जानकारों के हवाले से बताया कि रूस ने बगावत रोकने में स्थानीय बलों को हवाई और जमीनी मदद की। हालांकि, समाचार एजेंसी इस बात की पुष्टि नहीं कर सकी कि नाइजर के सुरक्षा बलों ने हालात पर पूरी तरह काबू पा लिया है या नहीं। इसने बताया कि vशनिवार रात भर लगातार गोलीबारी और धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसमें नियामे का मुख्य एयरपोर्ट के अंदर अहम मिलिट्री बेस और राष्ट्रपति भवन के पास वाला इलाका शामिल है।
इसके पहले शनिवार दिन में नाइजर के रक्षा मंत्री सालिफू मोडी ने बताया था कि विद्रोही सैनिकों ने नियामे के इंटरनेशनल एयरपोर्ट (यहां अहम मिलिट्री बेस है) और प्लेटो एडमिनिस्ट्रेटिव डिस्ट्रिक्ट (जहां राष्ट्रपति भवन और अन्य संस्थान हैं) में कई अधिकारियों को बंधक बना लिया था और संवेदनशील ठिकानों पर गोलीबारी की।
शनिवार शाम तक हालात तनावपूर्ण – कई जानकारों और एक राजनयिक के अनुसार, शनिवार शाम तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। बागी सैनिक एयरपोर्ट पर डेरा डाले हुए थे। राष्ट्रपति भवन पर अभी भी प्रेसिडेंशियल गार्ड का नियंत्रण बना हुआ है, लेकिन जुंटा शासक अब्दौरहमाने चियानी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। चियानी साल 2023 में एक सैन्य तख्तापलट के बाद सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद देश ने पश्चिमी देशों के साथ पुराने सुरक्षा संबंध तोड़ दिए और रूस की ओर रुख किया है।
नाइजर ने रूस से मांगी मदद – देश की सत्ता संभालने वाली मिलिट्री काउंसिल ने देश में एकता की अपील की है। रूसी मीडिया ने नाइजर में रूस के राजदूत विक्टर वोरोपाएव के हवाले से बताया कि नाइजर के मिलिट्री अधिकारियों ने बगावत को दबाने के लिए रूस के अफ्रीका कॉर्प्स से मदद मांगी है। राजदूत ने कहा कि बागी सैनिकों को हथियार डालने का आदेश दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि मदद दी जा रही है या नहीं।