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‘हमें कोई फायदा नहीं हुआ’, केन्या ने राष्ट्रपति ने टाटा को दिया बोरिया बिस्तर समेटने का आदेश


देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप को अफ्रीका में बड़ा झटका लगा है। केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स को अपना कामकाज बंद करने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि इस कंपनी की मौजूदगी से उनके देश को कोई फायदा नहीं हुआ है। कंपनी के पास केन्या में उन खनिजों का माइनिंग राइट्स है जिनसे सोडा ऐश बनाया जाता है। रूटो ने कहा कि नए निवेशक माइनिंग राइट्स ले लेंगे।
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक रुटो ने कहा कि उन्होंने मुंबई की कंपनी की एक यूनिट से अपना सामान समेटकर जाने को कहा है, क्योंकि वह सोडा ऐश का इस्तेमाल स्थानीय फैक्टरियों में ग्लास और केमिकल बनाने के बजाय उसका एक्सपोर्ट कर रही थी। उन्होंने कहा कि कंपनी हमारे रिसोर्स को भारत और दूसरी जगहों पर ले जाते हैं।
टाटा कंपनी के पास 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट था, फिर भी उसने काजियाडो में कुछ भी नहीं बनाया। इसी काउंटी में लेक मगाडी है, जहां से कंपनी दो दशकों से सोडा ऐश बनाने के लिए खनिज निकाल रही है।
100 साल का कॉन्ट्रैक्ट – कंपनी के पास काजियाडो काउंटी में माइनिंग राइट्स हैं। रुटो ने कहा, ‘उस टाटा कंपनी के पास 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट था, फिर भी उसने काजियाडो में कुछ भी नहीं बनाया। इसी काउंटी में लेक मगाडी है, जहां से कंपनी दो दशकों से सोडा ऐश बनाने के लिए खनिज निकाल रही है।’ केन्या के माइनिंग मंत्रालय ने कुछ समय पहले टाटा केमिकल्स मगाडी लिमिटेड को कामकाज रोकने का निर्देश दिया था। मंत्रालय ने रॉयल्टी का भुगतान न करने और अन्य रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा न करने का हवाला दिया था।
केन्या 1911 से यह रिसोर्स निकाल रहा है और टाटा ने 2005 में ब्रूनर मोंड लिमिटेड से यह कामकाज खरीदा था। रुटो का बयान उन 100 साल के कंसेशन (रियायतों) के बारे में है जो मूल रूप से पिछली कंपनी को दिए गए थे। टाटा केमिकल्स ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
विपक्ष का आरोप – रूटो ने कहा, ‘हमने कहा है कि हम एक नई कंपनी लाएंगे और उन्हें काजियाडो में कांच बनाने वाली एक बड़ी कंपनी लगानी चाहिए। और काजियाडो में ही केमिकल बनाने वाली एक और कंपनी भी लगानी चाहिए। क्या हम दूसरों के गुलाम हैं? चाहे कुछ भी हो, क्योंकि वे जरूरी काम नहीं कर पाए हैं, इसलिए मैंने उनसे अपना सामान समेटकर जाने को कह दिया है।’
हालांकि विपक्ष ने रूटो के फैसले की आलोचना की है। उसका आरोप है कि रूटो ने टाटा केमिकल्स को इसलिए हटाया ताकि वह अपनी सरकार के सहयोगियों से जुड़ी दूसरी कंपनियों को उस इलाके में तेल की खोज का काम दे सकें। डेमोक्रेसी फॉर सिटीजन पार्टी ने कहा कि कंपनी बंद होने की वजह से 500 सीधे तौर पर काम करने वाले कर्मचारी और हजारों सपोर्ट वर्कर रातों-रात बेरोजगार हो गए।