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दिल-दिमाग के लिए खतरनाक है बैड कोलेस्ट्रॉल, खाने के अलावा भी कई चीजें बढ़ाती हैं LDL


अधिकतर लोग जानते हैं कि बैड कोलेस्ट्रॉल से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। लेकिन अभी भी यह जानने वालों की संख्या काफी कम है, जिन्हें पता हो कि यह स्ट्रोक का कारण भी बनता है। इन दोनों जानलेवा बीमारी से बचने के लिए आपको एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाली कई चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
लोगों को लगता है कि एलडीएल कोलेस्ट्रॉल केवल अनहेल्दी खाने से बढ़ता है, लेकिन यह अधूरा सच है। खाने में सैचुरेटेड फैट्स वाले फूड्स के अलावा, स्मोकिंग, तनाव, शराब, नींद की कमी, शारीरिक गतिविधि की कमी भी बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भूमिका निभाती है। आपको बता दें कि एलडीएल को ही बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, जो दिमाग और दिल के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है।
नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट के मुताबिक, खून में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल आर्टरीज के अंदर प्लाक बनाता है। इसकी वजह से दिल और दिमाग को जाने वाली ऑक्सीजन से भरपूर ब्लड सप्लाई कम हो जाती है। इससे इन अंगों की सेल्स को पोषण नहीं मिलता और इनका कामकाज ठप पड़ने लगता है। इसलिए एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाली इन चीजों से जितना हो सके, उतना दूर रहें।
गंदे कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने के पीछे डाइट, फिजिकली एक्टिविटी और नींद का बिगड़ना होता है। इन सभी कारणों के बारे में NHLBI और बैटरहेल्थ चैनल ने जानकारी दी है।
सैचुरेटेड फैट्स : डाइट में सैचुरेटेड फैट्स वाले फूड्स की ज्यादा मात्रा रखने से एलडीएल बढ़ता है। NHLBI के मुताबिक, रेड मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स में इस फैट की काफी मात्रा होती है। सैचुरेटेड फैट्स से आपकी पूरे दिन की कैलोरी का 10 प्रतिशत से कम हिस्सा ही आना चाहिए।
स्मोकिंग : धूम्रपान से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल का लेवल गिरता है, जिसे एचडीएल कहा जाता है। एचडीएल ही शरीर के अलग-अलग भागों से फालतू कोलेस्ट्रॉल को वापस लिवर में लाता है। लेकिन जब एचडीएल कम हो जाता है तो यह प्रोसेस धीमा पड़ जाता है और धमनियों में प्लाक जमने का खतरा बढ़ जाता है।
फाइबर कम लेना : अगर आपकी डाइट में फाइबर की कमी है तो भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। बैटरहेल्थ चैनल के मुताबिक, सॉल्यूबल फाइबर से भरे फूड्स खून में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का लेवल कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसलिए खाने में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दाल आदि फूड को शामिल करना ना भूलें।
तनाव : स्ट्रेस एक नॉर्मल बॉडी फंक्शन है, जो चुनौती या मुश्किल परिस्थिति में बेहतर परफॉर्म करने में मदद करता है। लेकिन लंबे समय तक तनाव का अधिक स्तर रहने से दिल को नुकसान पहुंचता है। NHLBI के मुताबिक, हाई स्ट्रेस से कॉर्टिकोस्टेरॉइड जैसे हॉर्मोन रिलीज होते हैं। जो कि शरीर को ज्यादा से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का सिग्नल देते हैं।
शराब : हार्वर्ड के मुताबिक, कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन और उसे नष्ट करने का काफी काम लिवर करता है। इसलिए ब्लड में एलडीएल के नियंत्रित स्तर के लिए लिवर का हेल्दी रहना बहुत जरूरी है। लेकिन जो लोग शराब का ज्यादा सेवन करते हैं, उनका लिवर धीरे-धीरे काम करना कम कर देता है। जिससे कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
नींद-शारीरिक गतिविधि में कमी : आपको बैड कोलेस्ट्रॉल को ज्यादा होने से रोकने के लिए नींद और शारीरिक गतिविधि का भी ध्यान रखना चाहिए। NHLBI के मुताबिक, इनमें कमी आने से अनहेल्दी कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। जिससे दिल और दिमाग की बीमारी विकसित हो सकती हैं।
ऊपर बताए गए कारणों के अलावा जेनेटिक्स की वजह से भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। दुर्भाग्य से हम इस खतरे को जड़ से नहीं मिटा सकते हैं। हालांकि, हेल्दी लाइफस्टाइल और सही मेडिकल एडवाइज की मदद से एलडीएल बढ़ने का खतरा कम किया जा सकता है। जिन लोगों की फैमिली में पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट डिजीज का इतिहास रहा हो, उन्हें डॉक्टर से सलाह लेकर नियमित रूप से परीक्षण करवाते रहने चाहिए। सीबीसी और लिपिड प्रोफाइल जैसे ब्लड टेस्ट से आप टोटल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल, एचडीएल और ट्राइग्लिसराइड का लेवल पता कर सकते हैं।