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तेल-LPG ही नहीं गेहूं से लेकर नहाने के पानी तक, 13 प्‍वाइंट में जानें भारत समेत दुनिया पर ईरान युद्ध का असर


ईरान में बीते एक महीने से चल रही लड़ाई अब सीधेतौर पर दुनिया के बड़े हिस्से को प्रभावित कर रही है। अमेरिका-इजरायल गठबंधन और ईरान इस लड़ाई में आमने-सामने हैं। वहीं खाड़ी के 10 से ज्यादा देशों में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन देशों के अलावा भारत से लेकर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, ब्राजील से श्रीलंका तक पर इस युद्ध ने असर डाला है। भारत में हम एलपीजी का संकट देख ही रहे हैं। बाकी दुनिया को कैसे इस युद्ध ने झकझोरा है, ये हम आपको बता रहे हैं।
गेंहू पर असर- ऑस्ट्रेलिया में गेहूं की बुवाई ईरान युद्ध से प्रभावित है। किसान परेशान हैं क्योंकि खाद की कीमतें बढ़ी हैं। दुनिया की एक-तिहाई खाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भेजी जाती है। अमेरिका ने खाद के निर्यात के लिए वेनेजुएला से प्रतिबंध हटाए हैं लेकिन खेती पर संकट बरकरार है।
गर्म पानी का संकट- दक्षिण कोरिया अपने लोगों से कम समय तक नहाने की अपील कर रहा है। दरअल देश को पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल होने वाली ज्यादातर ऊर्जा पश्चिम एशिया से मिलती है। ईरान युद्ध के चलते सप्लाई चेन टूट गई है। इसने दक्षिण कोरिया को मुश्किल में डाल दिया है।
एसी कम चलाएं- थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने छोटी आस्तीन वाली शर्ट पहनना शुरू किया है। उन्होने सभी से ऐसा करने की अपील की है। वह संकट को देखते हुए एसी की जरूरत कम करना चाहते हैं। उन्होंने सरकारी दफ्तरों से ऊर्जा बचाने के लिए एयर कंडीशनर का इस्तेमाल घटाने को कहा है।
लिफ्ट तक बंद- ऊर्जा बचाने के लिए फिलीपींस ने सरकारी कर्मचारियों से लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। इसकी जड़ में भी ईरान युद्ध है क्योंकि देश को पश्चिम एशिया से पहुंचने वाली सप्लाई रुकी हुई है। यहां तक कि मिस्र ने हफ्ते में पांच दिन खरीदारी के घंटे कम कर दिए हैं।
गारमेंट पर असर – -बांग्लादेश के हवाई अड्डों पर कपड़ों के ढेर हैं। उड़ानें रद्द होने की वजह से कपड़ों का निर्यात बाधित है। ईरान और इजरायल के बीच चल रही मिसाइलों की वजह से बड़े इलाके में जहाज नहीं उड़ पा रहे हैं। इसने बांग्लादेश के रेडीमेट उद्योग से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
कैंसर की दवाएं- कैंसर की दवाएं तक दुनिया के एक बड़े हिस्से में समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। दुबई और दोहा जैसे कार्गो हब में बंद होने की वजह से इन दवाओं पर संकट आ गया है, जिन्हें ठंडा रखना जरूरी है। इससे मरीजों और उनके परिवारों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है।
गुब्बारे नहीं मिलेंगे- पेट्रोकेमिकल से बने ट्रैक सूट ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच और महंगे हो सकते हैं। यहां तक कि पार्टी में लगने वाले गुब्बारे भी बाजार से गायब हो सकते हैं। गुब्बारों में भरी जाने वाली हीलियम का एक बड़ा उत्पादक कतर है, जो इस युद्ध से काफी ज्यादा प्रभावित है।
खेल पर असर- ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी हितों को निशाना बनाया है। ईरान के मिसाइल हमलों के चलते बहरीन और सऊदी अरब में होने वाली फॉर्मूला-1 रेस रद्द कर दी गई है। यानी खेलों पर भी इस युद्ध का सीधा असर है।
मनोरंजन जगत पर असर- ईरान युद्ध के चलते मनोरंजन जगत पर भी असर हो रहा है। शकीरा, क्रिस्टीना एगुइलेरा और अन्य कलाकारों ने सुरक्षा चिंताओं की वजह से इपने कॉन्सर्ट टाल दिए हैं। दुबई और खाड़ी के दूसरे शहरों में ये कार्यक्रम होने थे।
घर खरीदना महंगा- अमेरिका में घर खरीदना और महंगा हो गया है। ईरान में युद्ध छिड़ने के बाद तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी है। बढ़ती हुई महंगाई कई क्षेत्रों में डर पैदा कर रही है, जिससे मॉर्गेज की दरें बढ़ रही हैं। यानी अमेरिकियों की जेब पर भी ईरान युद्ध का असर हो रहा है।
चीनी की बढ़ेगी कीमत- ईरान युद्ध के चलते चीनी महंगी हो सकती है। दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक देश ब्राजील में चीनी मिलों पर ऊर्जा की बढ़ी कीमतों का असर है। चीनी मिलें मौजूदा हालात को देखते हुए ज्यादा बायोफ्यूल बनाने की ओर रुख कर सकती हैं।
सोने के दामों में गिरावट- सोने की कीमतों में गिरावट आई है। सोने की कीमतें कई वजहों से गिर रही हैं। इनमें सट्टेबाज निवेशकों की ओर से सोने में किया गया निवेश निकालना भी शामिल है।
स्कूलों को बंद करने की नौबत- आवागमन कम करने और ईंधन बचाने के लिए श्रीलंका ने बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। लाओस ने स्कूलों के लिए 3-दिन का शेड्यूल अपनाया है।