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हर वक्त तनाव लेने की आदत दिमाग-शरीर के लिए क्यों बन जाती है खतरा? याददाश्त और नींद होती है खराब


आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव (Stress) लगभग हर व्यक्ति की समस्या बन चुका है। नौकरी का दबाव, आर्थिक परेशानी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव मानसिक शांति को प्रभावित कर रहे हैं। थोड़े समय का तनाव सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार बना रहने वाला तनाव मानसिक और शारीरिक दोनों स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। साथ ही, इसकी वजह से व्यक्ति की रोजमर्रा की दिनचर्या भी प्रभावित होती है। लंबे समय तक तनाव के कारण व्यक्ति को प्रोडक्टिविटी पर भी बुरा असर देखने को मिलता है।
तनाव से दिमाग पर क्या असर पड़ता है ? – जरनल ऑफ फॉर्मेट्यूकल रिसर्च के अनुसार लगातार बना रहने वाला तनाव धीरे-धीरे आपके मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर करने लगता है। शुरुआत में यह केवल चिंता (Anxiety) या चिड़चिड़ापन के रूप में दिखता है, लेकिन समय के साथ यह डिप्रेशन, नींद की समस्या और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी गंभीर समस्याओं में बदल सकता है।
निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होना – हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार लगातार तनाव (Stress) केवल मूड को खराब नहीं करता, बल्कि यह हमारी सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता पर भी गहरा असर डालता है। जब कोई व्यक्ति तनाव में होता है, तो शरीर में कॉर्टिसोल (Cortisol) नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन दिमाग के उस हिस्से को प्रभावित करता है जिसे “प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स” कहा जाता है। यही हिस्सा सोचने, ध्यान केंद्रित करने, निर्णय लेने और समस्याओं को हल करने का काम करता है।
हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार तनाव (Stress) का सीधा असर हमारी सीखने की क्षमता यानी Learning Power पर पड़ता है। जब कोई व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है, तो दिमाग में कॉर्टिसोल (Cortisol) नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन दिमाग के हिप्पोकैम्पस (Hippocampus) हिस्से को प्रभावित करता है, जो याददाश्त बनाने और नई चीजें सीखने के लिए जिम्मेदार होता है।
प्रोडक्टिविटी कम होना – जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक स्ट्रेस में रहता है तो ऐसे में उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता है। ऐसे में उसकी रोजाना की प्रोडक्टिविटी प्रभावित होती है। जिसका असर उसकी निजी जिंदगी पर भी होता है।
नींद बाधित होना – डब्लूएचओ के अनुसार स्ट्रेस में रहने की वजह से व्यक्ति किसी एक विषय को ही बार-बार सोचता रहता है। ऐसे में उन्हें रात में नींद देरी से आती है या उनकी नींद बार-बार टूट जाती है। इससे वह पूरा दिन थकान में रहते हैं और व्यक्ति को हमेशा आलस बना रहता है।
स्ट्रेस से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? – हृदय रोग का जोखिम – हार्वर्ड हेल्थ के मुताबिक स्ट्रेस में व्यक्ति को घबराहट महसूस हो सकती है। इस दौरान हार्ट तेजी से पंप होने लगता है, जो हार्ट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।
मांसपेशियों में तनाव व दर्द – अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार लंबे समय तक स्ट्रेस के कारण शरीर की मांसपेशियां लगभग निरंतर तनावग्रस्त स्थिति में रहती हैं। जिससे मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।
पाचन क्रिया प्रभावित होना – लगातार स्ट्रेस में रहने के कारण हमारा मस्तिष्क गट को डाइजेशन के लिए सही संकेत नहीं दे पाता है। इससे पाचन क्रिया स्लो हो सकती है।
वजन में बढ़ोतरी – स्ट्रेस की वजह से कई बार कुछ लोग अपनी भूख से अधिक खाना खा लेते हैं, जो उनके मोटापे का कारण बन सकता है।
स्ट्रेस केवल मानसिक समस्या नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर को भी प्रभावित कर सकती है। इससे बचने के लिए आप मेडिटेशन करें। साथ ही, दोस्तों के साथ अपनी परेशानी को शेयर करें। इसके अलावा, आप कहीं घूमकर भी आ सकते हैं। इसके अलावा, सॉफ्ट म्यूजिक सुनकर भी आप स्ट्रेस को आसानी से कम कर सकते हैं। लगातार स्ट्रेस बना रहे तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।