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युवाओं के सहारे नया राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की तैयारी में कांग्रेस, राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की करेंगे शुरुआत


लोकसभा चुनाव (2029) से पहले कांग्रेस युवाओं और छात्रों को केंद्र में रखकर अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक मुहिम शुरू करने जा रही है। राजस्थान के कोटा से बुधवार को राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद प्रयागराज, पटना और दिल्ली में भी बड़े छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि यह अभियान छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने के लिए है।
हाल ही में कांग्रेस नेतृत्व ने दिल्ली में सभी प्रदेश अध्यक्षों और राज्य प्रभारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों, नीट पेपर ली, सीचीएसई विवाद जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला लिया गया था। पार्टी का मानना है कि ये मुद्दे सीधे करोड़ों युवाओं को प्रभावित करते हैं।
क्यों चुना गया राजस्थान का कोटा शहर? – कांग्रेस ने अभियान की शुरुआत के लिए कोटा को चुना है, जो देश का कोचिंग हब माना जाता है। हर साल लाखों छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां आते है। ऐसे में परीक्षाओं में अनियमितताओं के मुद्दे पर कोटा से आंदोलन शुरू करना मजबूत राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
युवाओं की नाराजगी पर है नजर – राहुल गांधी पिछले कई महीनो से पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और बेरोजगारी के मुद्दे को लगातार उठा रहे है। कांग्रेस की रणनीति केवल सरकार की आलोचना तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सीधे राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाना है। पार्टी का मानना है कि लगातार रद्द होती परीक्षाओ और भर्ती प्रक्रियाओ ने युवाओं में गहरी निराशा पैदा की है।
सोशल मीडिया पर किया फोकस – पार्टी के सोशल मीडिया विभाग को खास जिम्मेदारी मिली है। अभियान से जुड़ी जानकारी डिजिटल प्लैटफॉर्म पर केंद्रित रहेगी। Gen Z तक पहुंचने के लिए विडियो, छात्र संवाद, डिजिटल टाउनहॉल, सोशल मीडिया कैंपेन चलाए जाएंगे।
क्या यह 2029 चुनाव की तैयारी है? – राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अगले लोकसभा चुनाव की बुनियाद तैयार कर रही है। इसमें 18 से 28 वर्ष के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाएंगे। राहुल कुछ समय से सामाजिक न्याय, रोजगार, शिक्षा के मुद्दे उठा रहे है।