
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि इस बार हॉकी, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे भारत के पारंपरिक मजबूत खेल शामिल नहीं थे। ऐसे में कई लोगों को उम्मीद थी कि भारत का पदक प्रदर्शन प्रभावित होगा, लेकिन मुक्केबाजों और जूडो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर टीम की लाज रख ली। भारतीय उद्योगपति आनंद महिंद्रा गुलवीर सिंह और अस्मिता डे से प्रभावित नजर आए।
आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट- धावक गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। दूसरी ओर अस्मिता डे ने जूडो में स्वर्ण जीतकर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। भारतीय उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी इन दोनों खिलाड़ियों की प्रेरणादायक कहानियों से बेहद प्रभावित नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ग्लासगो खेलों में भारत के प्रदर्शन से ज्यादा उन्हें दो खिलाड़ियों का संघर्ष छू गया।
अस्मिता और गुलवीर को सराहा – महिंद्रा ने बताया कि अस्मिता डे ऐसे परिवार से आती हैं, जहां उनके पिता रोजाना करीब 300 रुपये कमाकर साइकिलें ठीक करते थे। परिवार मिट्टी के घर में रहता था और दुर्भाग्य से उनके पिता अपनी बेटी को कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतते नहीं देख पाए। अस्मिता भारत की पहली जूडो खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने पुरुष या महिला किसी भी वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल जीता।
उन्होंने गुलवीर सिंह की कहानी का भी जिक्र किया। महिंद्रा ने लिखा कि अलीगढ़ के एक किसान परिवार से आने वाले गुलवीर गांव की कच्ची पगडंडियों पर दौड़ लगाकर सेना की फिटनेस परीक्षा की तैयारी करते थे। वही खिलाड़ी अब एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन चुके हैं।
Home / Sports / ‘न शॉर्टकट, न सहूलियत’, आनंद महिंद्रा ने अस्मिता और गुलवीर के संघर्ष को किया सलाम, लिखा भावुक पोस्ट
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