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तिरंगा फहराते PM मोदी के साथ खड़ी थीं कैप्टन रितिका खरेता, जानिए क्यों हुई पहचान को लेकर उलझन, इनके बारे में जानें


लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तिरंगा फहरा रहे थे। उनके साथ एक महिला सैन्य अधिकारी नजर आईं। तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवाल उठा-आखिर ये अधिकारी कौन हैं? कुछ जगहों पर नाम कैप्टन सोनिया सिंह चौहान बताया गया, जबकि बाद में कैप्टन रितिका खरेता का नाम सामने आया। इसी नाम को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हुई।
नाम को लेकर कैसे हुआ कन्फ्यूजन? – कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि अधिकारी की गलत पहचान को लेकर कई रिपोर्ट सामने आने के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री के साथ ध्वजारोहण में सहायता करने वाली अधिकारी कैप्टन रितिका खरेता थीं। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि कैप्टन सोनिया सिंह चौहान को यह जिम्मेदारी दी जानी थी, लेकिन अंतिम समय में ड्यूटी बदल दी गई। यानी भ्रम की एक बड़ी वजह यही अंतिम समय का बदलाव बताया जा रहा है।
रिजर्व अधिकारी की व्यवस्था क्यों रखी जाती है? – बता दें कि महत्वपूर्ण ड्यूटी में एक वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था भी रखी जाती है। इसका मकसद यह होता है कि अगर मूल अधिकारी अंतिम समय में किसी वजह से ड्यूटी नहीं कर पाए तो कार्यक्रम प्रभावित न हो। इसलिए किसी अधिकारी का अंतिम समय में बदला जाना अपने आप में असामान्य बात नहीं है।
आधिकारिक रिलीज में रितिका खरेता का नाम साफ – रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में पहले ही स्पष्ट किया गया था कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहायता करने की जिम्मेदारी कैप्टन रितिका खरेता की होगी। सरकारी प्रेस रिलीज में उनके नाम का स्पष्ट जिक्र है, जिससे सोशल मीडिया पर अधिकारी की पहचान को लेकर चल रहा भ्रम दूर हो जाता है।
कौन हैं कैप्टन रितिका खरेता? – कैप्टन रितिका खरेता भारतीय सेना की अधिकारी हैं, जिन्होंने जनवरी 2025 में 76वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वह कर्तव्य पथ पर 146 पुरुष जवानों वाली कोर ऑफ सिग्नल्स की मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली अकेली महिला कमांडर थीं। उनके नेतृत्व में जवानों की अनुशासित चाल और उनका आत्मविश्वास परेड में खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचने वाला रहा।
पढ़ाई से सेना तक का सफर – रितिका खरेता दिल्ली की रहने वाली हैं और उन्होंने एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, पुष्प विहार से पढ़ाई की। वह 2016 बैच की छात्रा रही हैं। उनके पिता दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं, जबकि उनकी मां शिक्षिका हैं। परिवार से सेना में आने वाली वह पहली अधिकारी हैं। उनके परदादा भी सेना में रहे और उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।
12 अधिकारियों में हुआ था चयन – गणतंत्र दिवस परेड में कोर ऑफ सिग्नल्स की मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए रितिका का चयन जबलपुर स्थित सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर में 12 अधिकारियों के बीच हुए चयन के बाद किया गया था। इसके बाद उन्होंने कर्तव्य पथ पर 146 जवानों वाली टुकड़ी का नेतृत्व किया। तकनीकी और संचार क्षमताओं के लिए जानी जाने वाली कोर ऑफ सिग्नल्स में उनकी भूमिका ने उन्हें सेना की महिला अधिकारियों के बीच एक खास पहचान दिलाई।