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‘मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व’, पीएम मोदी के बयान पर चिदंबरम का पलटवार, सियासी घमासान तेज


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को पीएम मोदी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है।’ चिदंबरम की इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के बयान का सीधा जवाब माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है और यह हिंसक आंदोलन अब कमजोर पड़ रहा है। हालांकि, पीएम ने चेताया कि नक्सली विचारधारा से जुड़े ‘दिमागी नक्सल’ अब भी मौजूद हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत बताई।
चिदंबरम ने बयान को लेकर साधा निशाना – पीएम मोदी के इस बयान के एक दिन बाद पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जवाब दिया। उन्होंने लिखा, ‘मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है।’ चिदंबरम का यह जवाब सामने आते ही राजनीतिक बहस और तेज हो गई। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री की ओर से इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को ही अपने जवाब का आधार बनाया।
जयराम रमेश ने भी पीएम पर बोला हमला – इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी पीएम मोदी की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले अपने विरोधियों को ‘शहरी नक्सल’ कहते थे और अब ‘दिमागी नक्सल’ कह रहे हैं। रमेश ने इसे प्रधानमंत्री की हताशा का स्पष्ट संकेत बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन मुद्दों को लेकर सरकार के विरोधियों को पहले ‘शहरी नक्सल’ या अब ‘दिमागी नक्सल’ कहा जाता है, उनमें से कुछ मांगों या विचारों को सरकार बाद में स्वीकार करती रही है।
‘एंटायर पॉलिटिकल साइंस’ वाले तंज की भी चर्चा – जयराम रमेश ने अपने हमले को और धार देते हुए प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह यूं ही नहीं है कि उन्हें ‘एंटायर पॉलिटिकल साइंस’ में एमए यानी ‘मास्टर एब्यूजर’ कहा जाता है। पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान और चिदंबरम के जवाब के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। अब इस मुद्दे पर दोनों दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर सबकी नजर है।