
अभिनेत्री सोफिया वेरगारा का कहना है कि जब वह 40 साल की हुईं, तभी से उनकी आखों की रोशनी कम होने लगी थी। एसेशोबिज डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, वेरगारा ने कहा कि उन्होंने उस दौरान चश्मा पहनने से इंकार कर दिया था, क्योंकि उन्हें लगा कि वह इससे बूढ़ी दिखेंगी।
उन्होंने पीपल डॉट कॉम को बताया, “जब मैं 40, 41, 42 की हुई, तभी से मेरी आंखें कमजोर होने लगी थीं। यह इस उम्र में होने वाली एक स्वाभाविक चीज है। हालांकि मैंने चश्मा पहनने से इंकार कर दिया, क्योंकि मुझे लगा कि मैं इससे बूढ़ी दिखूंगी। मैंने सोचा, ‘नहीं, मैं इसे नहीं पहनने वाली हूं। मुझे इनकी जरूरत नहीं है।”‘
वेरगारा ने रीडिंग और सनग्लासेस की एक नई श्रंखला को पेश करने के चलते अमेरिकी आईवियर ब्रांड फॉस्टर ग्रांट संग हाथ मिलाया है। उनका कहना है कि वह इन चश्मों से खुश हैं, जिन्हें बनाने में उन्होंने अपनी मदद दी है।
अभिनेत्री ने कहा, “इन्हें हर उम्र को ध्यान में रखते हुए बनाया है, ताकि कम उम्र में ही आप दादी मां की तरह न दिखें, बल्कि क्यूट दिखें।”
मॉडर्न फैमिली की इस अभिनेत्री का कहना है कि इस लॉकडाउन के दौरान वह खूब किताबें पढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा, “अभी चूंकि मैं घर पर हूं, तो खूब पढ़ रही हूं, ऐसे में मैं जानती हूं कि चश्मों का हमारी जिंदगी में कितना महत्व है। मैं यह भी जानती हूं कि इन्हें पहनकर हर महिला सुंदर दिखने की चाह रखती हैं, चाहे वह जहां कहीं भी क्यों न हो। मैं फैशनबेल, बेहतरीन और फ्रेश आईवियर स्टाइल के चश्मों को प्रस्तुत करना चाहती थी, ताकि महिलाएं बस इनसे बेहतर देख ही न पाए, बल्कि वे खूबसूरत भी दिखें।”
इन चश्मों की बिक्री से जो भी पैसा मिलेगा, उससे फॉस्टर ग्रांट की चैरिटी को मदद मिलेगी।
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