
एक्ट्रेस अर्चना गौतम ने अपनी जिंदगी में काफी स्ट्रगल किया है और करियर में खूब उतार-चढ़ाव देखने को मिले। ‘बिग बॉस 16’ में अपने बिंदास और बेबाक अंदाज से सुर्खियां बटोरने वालीं अर्चना ने करियर की शुरुआत में ऐसे भी दिन देखे, जब उन्हें एक शो में लाश तक का रोल करना पड़ा। उसके लिए उन्हें 3 हजार रुपये मिलते थे। अर्चना गौतम ने इसका खुलासा रियलिटी टीवी शो ‘तुम हो ना- घर की सुपरस्टार’ में किया, जिसे राजीव खंडेलवाल होस्ट करते हैं। अर्चना गौतम आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं, पर कभी उनका नाम भी कोई नहीं जानता था।
अर्चना गौतम आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्हें बहुत टेढ़े-मेढ़े रास्तों से गुजरना और स्ट्रगल करना पड़ा। राजीव खंडेलवाल के शो में अर्चना ने अपने करियर के स्ट्रगल का ऐसा दर्द बयां किया, जिसके बारे में जान हर कोई हैरान रह गया। अर्चना ने बताया कि शोबिज की दुनिया में पहचान बनाने के लिए उन्होंने बहुत छोटे-छोटे और ऐसे रोल भी किए, जिन्हें करने से पहले कोई और एक्ट्रेस हिचकती।
अर्चना गौतम का दर्द- CID में लाश का रोल किया, 3 हजार रुपये मिलते थे – अर्चना गौतम के मुताबिक, वह CID जैसे शो में लाश तक बनीं। इसके लिए उन्हें रोजाना 3 हजार रुपये मिलते थे। अर्चना ने बताया कि CID उनके करियर का तीसरा टीवी शो था। इसमें उन्हें लाश का रोल मिला था। एपिसोड में उन्हें आंखें बंद करके, सांस रोककर कभी जमीन तो कभी स्ट्रेचर पर लेटना पड़ता था, एक बेजान शरीर या लाश की तरह। और शो में काम करने वाले बाकी सीनियर एक्टर्स उनकी आंखें चेक करते थे कि कहीं वो खुली तो नहीं हैं।
नए कलाकारों की मुश्किलें नहीं समझते लोग – अर्चना के मुताबिक, उनके लिए बिना हिले-डुले लेटना और लाश की एक्टिंग करना बहुत मुश्किल हो जाता था, पर वह फिर भी करती थीं। अर्चना ने कहा कि लोग सोचते हैं कि ग्लैमर और शोबिज इंडस्ट्री में रातोंरात काम और शोहरत मिल जाती है, जोकि बिल्कुल नहीं है। लेकिन लोग यह नहीं समझते कि इंडस्ट्री में नए कलाकारों को किन तकलीफों और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
चॉल में रहीं, चूहे काटते थे, आर्थिक तंगी के कारण भूखी रहीं – अर्चना गौतम ने तीन साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वह मुंबई में करियर बनाने आई थीं, तो किस तरह तंगहाली में रहीं। वह एक चॉल में रहने लगी थीं, पर वहां की हालत इतनी बुरी थी कि सोते वक्त चूहे काटने लगते थे। तब उन्हें गर्मी में भी चादर ओढ़कर सोना पड़ता था। अर्चना ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया था कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी, इसलिए वह उनसे भी मदद नहीं ले सकती थीं। ऐसे में अर्चना को कई दिन बिना खाना खाए गुजारने पड़े। लेकिन आज वह खूब नाम कमा रही हैं, काम कर रही हैं।
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