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T-90, T-72 के बाद अब फ्यूचर टैंक: रूस का भारत को बड़ा ऑफर, क्या तैयार होगी मोदी सरकार?


रूस ने भारत को भविष्य के युद्ध के लिए नेक्स्ट जेनरेशन का टैंक बनाने का प्रस्ताव दिया है। उसने कहा है कि भारत को भी नेक्स्ट जेनरेशन के टैंक की जरूरत है। ऐसे में रूस इस क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग के लिए तैयार है। भारत पहले से कई रूसी टैंकों को ऑपरेट करता है।
रूस ने भारत को साथ मिलकर नेक्स्ट जेनरेशन का टैंक बनाने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव दुनिया के सबसे बड़ी टैंक निर्माता कंपनी उरालवागोनजावोड के सीईओ अलेक्जेंडर पोटापोव ने पेश किया है। यह वही कंपनी है, जिसने प्रसिद्ध T-72, T-90 और T-14 आर्मटा (T-14 Armata) जैसे आधुनिक टैंकों का निर्माण किया है। भारतीय सेना इनमें से दो T-72 टैंक और T-90 टैंक का इस्तेमाल करती है, जिनका देश में ही लाइसेंस के तहत प्रोडक्शन होता है। ऐसे में अब मोदी सरकार को रूस के इस ऑफर पर अंतिम निर्णय लेना है। हालांकि, भारतीय सेना भी लंबे समय से भविष्य के युद्धों को देखते हुए एक सुपर टैंक के निर्माण की कोशिश में है।
रूस ने भारत को क्या ऑफर दिया – उरालवागोनजावोड के सीईओ अलेक्जेंडर पोटापोवके अनुसार, मॉस्को भारत के साथ मिलकर “भविष्य का टैंक” विकसित करने के लिए तैयार है। उन्होंने RIA Novosti से कहा, “जिंदगी रुकती नहीं है… हम नए प्लेटफ़ॉर्म के बारे में बात कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि मॉस्को समझता है कि भारत का रक्षा मंत्रालय भी अगली पीढ़ी के कवच (आर्मर) की ओर देख रहा है। उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा, “हम इस क्षेत्र में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। मुझे लगता है कि हम एक ऐसा साझा समाधान ढूंढ़ लेंगे जिसे लागू किया जा सके।”
टैंकों के निर्माण में अग्रणी है रूस – रूस से शुरू से ही टैंकों के निर्माण में दुनिया में अग्रणी रहा है। रूसी टैंक अपनी मजबूती, मारक क्षमता और युद्ध के मैदान में बेहतरीन गतिशीलता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। सोवियत संघ के समय से ही रूस ने बख्तरबंद वाहनों के निर्माण पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया है। यही कारण है कि भारत शुरू से ही रूसी टैंकों का प्रमुख ग्राहक रहा है। भारतीय सेना अब भी रूसी टैंक पर ही निर्भर है।
रूस के प्रमुख मुख्य युद्धक टैंक – रूस के बनाए प्रमुख मुख्य युद्धक टैंकों में टी-14 आर्माटा प्रमुख है। यह रूस का सबसे आधुनिक और अगली पीढ़ी का टैंक है। इसमें पूरी तरह से मानवरहित बुर्ज होता है, जिससे इसके क्रू मेंबर सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा टी-90एम प्रोरीव (टी-90 भीष्म) वर्तमान में रूसी सेना का सबसे घातक और सक्रिय टैंक है। रूस का टी-80बीवीएम टैंक अपने गैस टरबाइन इंजन के लिए प्रसिद्ध है, जिसके कारण यह अत्यधिक ठंडे इलाकों में भी तेजी से काम कर सकता है। टी-72बी3एम टैंक दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले T-72 टैंक का सबसे आधुनिक वेरिएंट है। भारत में इसे अजेय के नाम से जाना जाता है।