
पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने सिंधु जल संधि (IWT) मुद्दे पर भारत के खिलाफ युद्ध की गीदड़भभकी दी है। सोमवार को मुनीर ने कहा कि देश के हिस्से के पानी को सुरक्षित करने के लिए पाकिस्तानी आर्मी ‘सभी जरूरी कदम’ उठाने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने एक बार फिर पाकिस्तान में हो रहे आतंकी हमलों के लिए भारत पर उंगली उठाई है। मुनीर ने आरोप लगाया कि टीटीपी जैसे गुटों को भारत की मदद मिल रही है, जो उनकी जमीन पर हिंसा कर रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना के एक बयान में कहा गया है कि असीम मुनीर की अध्यक्षता में हुई 276वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में लोगों की इच्छा को देखते हुए पाकिस्तान के पानी के जायज हिस्से की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाने का संकल्प लिया गया है। भारत ने बीते साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से पाकिस्तान अपना पानी बंद होने से डरा हुआ है।
‘पानी रोकने को मानेंगे युद्ध की कार्रवाई’ – पाकिस्तान की कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में इससे पहले पानी रोकने या उसका रास्ता बदलने की किसी भी हरकत को ‘युद्ध की कार्रवाई’ मानने का फैसला किया गया था। फोरम ने एक बार फिर ये कहा है कि पाकिस्तान का पानी अगर रोका जाता है तो इसे ‘अस्तित्व पर हमला’ मानते हुए सेना की ओर से हर तरह के कदम उठाए जाएंगे।
साल 1960 में हुई सिंधु संधि भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी का बंटवारा करती है। ये नदियां भारत से पाकिस्तान की ओर बहती हैं। ऐसे में भारत अगर सिंधु को बहाल नहीं करता है तो पाकिस्तान के बड़े हिस्से में सिंचाई और दूसरे जरूरतों के लिए पानी का संकट हो जाएगा। ऐसे में पाकिस्तानी नेता इस पर परेशान दिखे हैं।
आतंकी हमलों को लेकर भारत पर आरोप – पाकिस्तान में हो रहे आतंकी हमलों के लिए भी एक बार फिर असीम मुनीर ने भारत के सिर ठीकरा फोड़ा है। मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान के अंदर हमले करने के लिए टीटीपी और दूसरे गुट अफगान तालिबान शासन के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुनीर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान विरोधी इन गुटों को भारत से मदद मिल रही है।
पाकिस्तान की सेना ने आरोप लगाया अफगानिस्तार की सरकार के समझना चाहिए कि शांति इस बात पर निर्भर करती है कि ‘भारतीय के प्रॉक्सी’ गुटों को अफगान जमीन का इस्तेमाल ना करने दिया जाए। अफगानिस्तान सरकार इनको नहीं रोकती तो फिर पाक सेना इनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
पाक सेना ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवाद से अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और सशस्त्र सेनाएं ‘ऑपरेशन गजब-उल-हक’ के तहत अफगान तालिबान के नियंत्रण वाले इलाके से पनपने वाले आतंकवाद के खिलाफ इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन जारी रखेंगी।
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