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मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी ‘जीवनसाथी’ से रहें सावधान, ठगों ने यूं फैला रखा है जाल, पढ़ें आंखें खोलने वाली 3 केस स्टडी


अगर आप मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए अपने लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं, तो सतर्क रहें। दिल्ली समेत देशभर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है। अपराधी खुद को आईएएस, आईपीएस, सीबीआई अधिकारी, प्रोफेसर या बड़े पदों पर कार्यरत बताकर भरोसा जीतते हैं। और फिर भावनात्मक संबंध बनाकर ठगी को अंजाम देते हैं।
केस स्टडी-1: महिला से ठग लिए ₹12 लाख – तिमारपुर पुलिस ने एक महिला एडवोकेट की शिकायत पर नोएडा से एक ठग को गिरफ्तार किया। आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला से नजदीकियां बढ़ाई और बीमारी समेत अन्य बहाने बनाकर करीब 12 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी गौरी शंकर खुद को कभी आईएफएसओ, कभी सीबीआई अधिकारी तो कभी प्रोफेसर बताता था। उसने 7 महिलाओं से करीब 60 लाख रुपये की ठगी की थी।
केस स्टडी-2: खाते, क्रेडिट कार्ड कर दिए खाली – वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस के पास एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट पर एक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने शादी का वादा कर भरोसा जीता और बाद में बैंक खाते तथा क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर पैसे निकाल लिए। आरोपी खुद को कभी सरकारी अधिकारी, कभी सीनियर मैनेजर तो कभी दिल्ली मेट्रो का अधिकारी बताता था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
केस स्टडी-3: IPS अफसर बन ठगे ₹5 लाख – रोहिणी की शीना एडवोकेट हैं। उनके लिए उनकी मां ने मैट्रिमोनियल साइट पर एक रिश्ता तलाशा। एक युवक ने खुद को 2010 बैच का आईपीएस अधिकारी ने और सीबीआई में जॉइंट डायरेक्टर बताया। जिससे परिवार प्रभावित हो गया और शादी की बात आगे बढ़ गई। कुछ समय बाद युवक ने बैक खाता फ्रीज होने का बहाना बनाकर 5 लाख रुपये मांगे। शीना ने रकम दे दी, बाद में उन्हें ठगी का पता चला।
मैट्रिमोनियल साइट्स पर क्या बरतें सावधानियां? – रिश्ते की बात आगे बढ़ाने से पहले आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र अवश्य देखें।
जब तक पूरी तरह से सत्यापन न हो जाए, किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन न करें।
मैट्रिमोनियल साइट पर रिपोर्टिंग विकल्प का इस्तेमाल करें।
रिश्ते की बातचीत में परिवार को शामिल करें।
किसी वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाने या रजिस्ट्रेशन करने से पहले वेबसाइट की विश्वसनीयता की जांच करें।
अधिक से अधिक सवाल पूछें। सभी संदेहों को दूर करें।
‘बिना पड़ताल नहीं करें भरोसा’ – दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के लीगल डिवीजन के इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह का कहना है कि मैट्रिमोनियल साइट्स पर ठग अब खुद को आईएएस, आईपीएस, सेना का अधिकारी, डॉक्टर या एनआरआई बताकर भरोसा जीतते हैं। फिर बहाने से पैसे मांगते है। किसी भी प्रोफाइल पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान, नौकरी, पारिवारिक जानकारी का सत्यापन जरूर करें। पैसे, बैक डिटेल, ओटीपी या निजी जानकारी साझा करना नुकसान का कारण बन सकता है। किसी प्रोफाइल या व्यक्ति की गतिविधि सदिग्ध लगे तो 1930 हेल्पलाइन या cybercrime. gov. in पर शिकायत करें।