
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके पुत्र प्रियांक खरगे ने ‘‘सत्ता और प्रभाव’’ का दुरुपयोग करके कर्नाटक के विभिन्न स्थानों पर जमीनों पर कब्जा किया है। बीजेपी ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते।
कांग्रेस अध्यक्ष पर लगाया आरोप – बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि खरगे और कर्नाटक सरकार में मंत्री उनके पुत्र अपने सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए कांग्रेस शासित राज्य में ‘‘भूमि लूट’’ में शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी कार्यप्रणाली रॉबर्ट वाद्रा और राहुल गांधी के परिवार से प्रेरित है।
प्रियंक खरगे ने किया पलटवार – प्रियांक खरगे ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी ‘‘आरएसएस को खुश करने के लिए’’ बहुत कोशिश कर रही है। कर्नाटक के गृह मंत्री ने बीजेपी से पूछा कि कर्नाटक में आपके पांच बीजेपी मुख्यमंत्री रहे हैं। उनमें से किसी ने भी कार्रवाई क्यों नहीं की? मोदी सरकार पिछले 12 वर्षों से सत्ता में है। अगर कोई गड़बड़ी हुई थी, तो मैं अभी भी आजाद क्यों घूम रहा हूं और जेल में क्यों नहीं हूं?
बीजेपी ने कब लगाया ये आरोप – उन्होंने कहा कि मेरे दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और मैं किसी भी मंच पर इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हूं। खरगे और उनके पुत्र पर बीजेपी का यह आरोप तब सामने आया है जब एक दिन पहले कांग्रेस ने सवाल उठाया था कि केंद्रीय जांच एजेंसियां मध्य प्रदेश में कथित “भूमि घोटाले” में शामिल लोगों की जांच क्यों नहीं कर रही हैं। कांग्रेस ने उन खबरों का हवाला देते हुए यह सवाल उठाया था जिनमें मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार के सदस्यों की संलिप्तता का दावा किया गया था।
सीएम पर लगे आरोपों को बताया बेबुनियाद – बीजेपी ने मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ‘‘बेबुनियाद’’ बताया था। प्रदीप भंडारी ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने बेंगलुरु में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के लिए 100 करोड़ रुपये मूल्य की पांच एकड़ जमीन आवंटित की, जबकि उस ट्रस्ट के पास इस तरह के कार्य का कोई पूर्व अनुभव नहीं था।
बीजेपी नेता ने किया दावा – बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 2016 में गुलबर्गा जिले में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को 30 वर्ष की अवधि के लिए 19 एकड़ जमीन दी थी, जिसे बाद में स्थायी पट्टे में बदलकर खरगे के परिवार की “स्थायी संपत्ति” बना दिया गया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और उनके पुत्र पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया।
मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे ने किया ये प्रयास – बीजेपी नेता ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे और कर्नाटक सरकार में मंत्री उनके पुत्र प्रियांक खरगे ने सत्ता और प्रभाव का उपयोग करके राज्य में विभिन्न स्थानों पर जमीनों पर कब्जा किया है और कई जगहों पर भूमि लूट करने का प्रयास किया है।
बीजेपी प्रवक्ता ने लगाया आरोप – बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन है। यह कानून के तहत एक संज्ञेय अपराध है। उन्होंने पूछा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार इस मामले में खरगे और उनके पुत्र के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते।
2018 में कैग रिपोर्ट में उठा मुद्दा लेकिन… – भंडारी ने कहा कि 2018 की कैग रिपोर्ट में इस मुद्दे को उठाया गया था, जिसमें बताया गया था कि भूमि के हस्तांतरण से सरकार को नहीं, बल्कि सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को लाभ हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट, जिसमें खरगे, उनकी पत्नी और पुत्र सदस्य हैं, ने फर्जी विक्रेता कस्तूरी बाई के माध्यम से गुलबर्गा शहर में 7.18 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया।
जिसके नाम जमीन उन्हें कोई नहीं जानता – उन्होंने कहा कि कस्तूरी बाई कौन हैं, यह कोई नहीं जानता। भंडारी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 2010 में भी खरगे को 8,125 वर्ग मीटर जमीन दी थी, जब सिद्धरमैया मुख्यमंत्री थे। प्रवक्ता ने कहा कि बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) पर खरगे को यह जमीन देने के लिए दबाव डाला गया और उसकी असहमति के बाद भी अंततः वह जमीन उन्हें दे दी गई।
कर्नाटक की एक अदालत में लंबित है मामला – भंडारी ने कहा कि यह मामला पहले से ही कर्नाटक की एक अदालत में लंबित है। उन्होंने कहा कि हम ठोस सबूत प्रस्तुत कर रहे हैं। यदि मल्लिकार्जुन खरगे स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तो इसे अपराध स्वीकार करने के रूप में माना जायेगा।
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