
एक नई जांच में सोमवार को ब्रिटेन की संसद को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया है कि ब्रिटेन की संसद में लंबे अरसे से उत्पीड़न और परेशान करने वाले कदमों को सहन करने और छिपाने की संस्कृति है। हाउस ऑफ कॉमन की नेता एंड्रिया लीडसम ने इस साल के शुरू में सांसदों और संसदीय स्टाफ के खिलाफ अनेक आरोपों के बीच इस स्वतंत्र जांच के आदेश दिए थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कदाचार छिपाने की कोशिश की जाती है और सताने जाए और उत्पीड़न किए जाने की रिपोर्ट करने वालों को कोई संरक्षण नहीं दिया जाता है। यह जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश डेम लौरा कॉक्स ने की है। इसमें उन्होंने कहा कि संसदीय कर्मचारियों को जिस संस्कृति से गुजारा जा रहा है वे शीर्ष से शुरू होती है। इस स्थिति में तब तक कोई बदलाव नहीं हो सकता है जब तक हाउस ऑफ कॉमन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया नहीं जाता है।
कुल 155 पन्नों की रिपोर्ट में कॉक्स ने कई गुमनाम लोगों का हवाला दिया है जिन्होंने कहा है कि सार्थक बदलाव आने में कई पीढ़ियां लग जाएंगी। इस रिपोर्ट के बाद हाउस कॉमन के स्पीकर जॉन बर्को पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ा है। उनपर स्टाफ को तंग करने का आरोप है लेकिन उन्होंने इससे इनकार किया है। हाउस ऑफ कॉमन ने एक बयान में कहा है कि यह तंग करने और उत्पीड़न का स्थान नहीं है और हमारे लोगों का कल्याण हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।
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