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PM Modi की अपील के बाद गुजरात में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की धूम, सरकारी नीतियों और टैक्स छूट से बिक्री में 55 फीसदी का भारी उछाल


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रीन फ्यूचर और सस्टेनेबल एनर्जी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील का असर भारतीय बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी व कर छूटों के चलते मई 2026 में देश भर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री में उछाल दर्ज किया गया है। पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री ने धूम मचा दी है। लोग अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती लागत से राहत पाने और जीरो एमिशन की दिशा में योगदान देने के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटरों और कारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस बदलाव के कारण न केवल प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों की बिक्री में भारी वृद्धि हुई है, बल्कि भारत का ग्रीन मोबिलिटी का सपना भी तेजी से हकीकत में बदल रहा है।
आर्थिक लाभ और सब्सिडी का क्रेज – गुजरात सरकार की योजनाओं के कारण इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को व्हीकल के अलग-अलग सेगमेंट के अनुसार 30 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की बचत हो रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के प्रमुख प्रणव शाह की मानें तो जहां सामान्य कारों का आरटीओ रजिस्ट्रेशन शुल्क 60 हजार रुपये तक हो सकता है, वहीं इलेक्ट्रिक कारों के लिए यह मात्र 10 हजार रुपये तक सीमित है। साथ ही, कई नगर निगम इलाकों में रोड टैक्स को पूरी तरह माफ कर केवल 25 रुपये का टोकन शुल्क लिया जा रहा है।
मार्केट में ऑप्शंस भी बढ़े हैं – आपको बता दें कि कुछ साल पहले तक गुजरात में सीमित इलेक्ट्रिक मॉडल उपलब्ध थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। आज लगभग सभी प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां अपने इलेक्ट्रिक मॉडल पेश कर रही हैं, जिससे ग्राहकों को बेहतर फीचर्स, रेंज और बजट के अनुसार कई विकल्प मिल रहे हैं। यह कॉम्पिटिशन ग्राहकों के लिए और भी फायदेमंद साबित हो रही है।
जागरूकता बढ़ने से लोगों की सोच बदल रही है – बायर्स का मानना है कि ईवी ना सिर्फ पेट्रोल-डीजल के खर्च को कम करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। सोलर पैनल्स के माध्यम से चार्जिंग की सुविधा ने इसे और भी किफायती बना दिया है। प्रधानमंत्री की अपील और सरकारी नीतियों के बाद ईवी से जुड़ी पूछताछ में 200 से 300 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई है, जो जनता के बदलते नजरिये को स्पष्ट करती है।
ग्रीन इनिशिएटिव्स का असर, रेकॉर्डतोड़ रजिस्ट्रेशन – गुजरात की हालिया ईवी सेल्स रिपोर्ट प्रदेश में ईवी रिवॉल्यूशन की ओर इशारा करते हैं। पिछले साल जहां पूरे साल में लगभग 5,545 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, वहीं इस साल सिर्फ पहली तिमाही में ही 8,577 ईवी पंजीकृत हो चुके हैं। सीएम भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में ग्रीन इनिशिएटिव्स को दी गई प्राथमिकता का ही असर है कि गुजरात अब क्लील एनर्जी और कार्बन एमिशन में कमी लाने की ओर तेजी से अग्रसर है।