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ईरान-अमेरिका डील में डोनाल्‍ड ट्रंप के 5 ‘वादे’, प्रतिबंधों में ढील से सैनिकों की वापसी तक क्या-क्या शामिल


अमेरिका और ईरान के बीच हालिया दिनों में होर्मुज स्ट्रेट में बढ़े तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म होने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है क्योंकि दोनों देश समझौते पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि जल्दी ही इस समझौते पर दस्तखत किए जाएंगे। हालांकि ईरान की सरकार ने अभी तक अमेरिका के साथ समझौता फाइनल होने की पुष्टि नहीं की है।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, वार्ताकारों ने समझौता ज्ञापन (MoU) का मसौदा तैयार किया है, जो अमेरिका और ईरान के बीच डील का आधार बन सकता है। यह दस्तावेज कोई अंतिम शांति समझौता नहीं है लेकिन इसमें तनाव कम करने, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लाने और आगे की बातचीत का रास्ता खोलने के मकसद से कई प्रतिबद्धताओं का खाका खींचा गया है। ट्रंप के प्रस्ताव में पांच मुख्य प्रावधान हैं।
1. ईरान खोलेगा होर्मुज स्ट्रेट – इस प्रस्तावित समझौते के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य है। संभावित डील में ईरान 30 दिनों के भीतर इस जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलने और बिना किसी प्रतिबंध या टोल के व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही की अनुमति देने पर सहमत होगा। बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना वॉशिंगटन और डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य उद्देश्यों में से एक है।
2. अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देगा – अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देना शुरू करेगा। ब्लूमबर्ग ने मेहर एजेंसी के हवाले से कहा कि समझौते के तहत ईरान पर तेल प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। यह उस आर्थिक दबाव अभियान के कुछ हिस्सों को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जिसने वर्षों से ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ डाला है।
3. 60 दिन का युद्धविराम बढ़ाया जाएगा – इस प्रस्ताव का एक और अहम हिस्सा मौजूदा युद्धविराम व्यवस्था को आगे बढ़ाना है। दोनों पक्ष युद्धविराम को और 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमत होंगे, जिससे कुछ समय के लिए स्थिरता बनी रहेगी और इस दौरान व्यापक बातचीत जारी रह सकेगी। इस युद्धविराम में संघर्ष वाले अन्य इलाके भी शामिल होंगे, जिनमें क्षेत्र में ईरान समर्थित समूहों से जुड़े तनाव शामिल हैं।
4. ईरान परमाणु पर प्रतिबद्धता जताएगा – प्रस्तावित मेमोरेंडम में अमेरिका-ईरान संबंधों के सबसे विवादित मुद्दों में से एक तेहरान का परमाणु कार्यक्रम भी अहम है। डील के तहत ईरान परमाणु हथियार ना बनाने का वादा करेगा और अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार के भविष्य पर बातचीत करेगा। ये शर्तें व्यापक हैं और इनमें किसी विस्तृत परमाणु समझौते का जिक्र नहीं है।
5. ईरान के पास से अमेरिकी सेना की वापसी – ब्लूमबर्ग का कहना है कि चर्चा के तहत सबसे अहम रियायतों में से एक ईरान के आसपास के इलाकों से अमेरिकी सेना की वापसी और सैन्य साजो-सामान हटाने पर अमेरिका की सहमति है। यह कदम वॉशिंगटन के रुख में बड़ा बदलाव होगा और ईरान की उस पुरानी मांग को पूरा करेगा, जिसमें उसने अपनी सीमाओं के पास अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करने को कहा था।