
लेबनान पर इजरायल के हमलों से नाराज ईरान ने सोमवार को अमेरिका से बातचीत रोक दी है। अमेरिका के साथ सभी अप्रत्यक्ष बातचीत खत्म करने के बाद ईरान ने कथित तौर पर बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने का फैसला लिया है। होर्मुज स्ट्रेट के बाद अगर यमन के पास स्थित बाब अल-मंडेब में समुद्री यातायात रुकता है तो तकरीबन पूरी दुनिया में भीषण उर्जा संकट आना तय है। ईरान के इस कदम से सैन्य संघर्ष तेज हो सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर ईरान की ओर से इसका ऐलान नहीं किया गया है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने शीर्ष अधिकारियों के हवाले से कहा है कि सीजफायर के बावजूद लेबनान और गाजा में इजरायली सैन्य हमले रुक नहीं रह हैं। ऐसे में ईरान और प्रतिरोध मोर्चा (इसमें यमन के हूती भी शामिल हैं) ने बाब अल-मंडेब पर फैसला लिया है। यह फैसला इजरायल के सैन्य हमलों का समन्वित जवाबी कार्रवाई का हिस्सा है। इस रिपोर्ट के बाद ही तेल के दाम बढ़ने लगे हैं।
बाब अल-मंडेब में कैसे रुकेंगे जहाज – यमन के बड़े हिस्से पर काबिज हूती विद्रेही ईरान के सहयोगी हैं। ईरान के इशारे पर हूती बाब अल-मंडेब से होकर गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकते हैं और शिपिंग में बाधा डाल सकते हैं। बाब अल-मंडेब यमन और जिबूती के बीच स्थित है। भौगोलिक नजदीकी के चलते हूतियों के यहां व्यापारिक जहाजों को रोकना मुश्किल नहीं है।
बाब अल-मंडेब नाम का यह समुद्री जलडमरूमध्य हॉर्न ऑफ अफ्रीका को अरब प्रायद्वीप से अलग करता है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों में से एक बनाती है। यह संकरा मार्ग एक प्रमुख वाणिज्यिक चोकपॉइंट है, जो स्वेज नहर की ओर लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है, जो हिंद महासागर में खुलती है।
बाब अल-मंडेब कहां है? – बाब अल-मंडेब लाल सागर के दक्षिणी छोर पर यमन और जिबूती के बीच स्थित है। 20 मील चौड़े और 70 मील लंबे बाब अल-मंडेब का वैश्विक मामलों में इसका प्रभाव बहुत अधिक है। यह स्वेज नहर के रास्ते यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया के बीच यात्रा करने वाले जहाजों के लिए एक प्रवेश द्वार का काम करता है।
हर साल इस संकरे जलमार्ग से कई अरब टन माल (कार्गो) गुजरता है, जिसमें कच्चा तेल और निर्मित वस्तुएं शामिल हैं। बाब अल-मंडेब चालू स्थिति में ना रहे तो जहाजों को अपना मार्ग बदलने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इसमें रुकावट से यूरोप तक तेल और एलएनजी नहीं पहुंच सकेगा। इससे तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिलेगा।
Home / News / ईरान चलेगा होर्मुज से भी खतरनाक दांव, अमेरिका से वार्ता अटकी तो बाब अल-मंडेब में लगाएगा नाका, तेल-गैस की होगी मारामारी!
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