Monday , July 13 2026 9:29 AM
Home / News / पाकिस्तान ने नहीं कतर ने करवाई अमेरिका-ईरान में डील, एक्सपर्ट बोले- भारत को करना होगा आत्ममंथन

पाकिस्तान ने नहीं कतर ने करवाई अमेरिका-ईरान में डील, एक्सपर्ट बोले- भारत को करना होगा आत्ममंथन


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इस शुक्रवार को ईरान के साथ किए गये एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह घोषणा के बाद अब पिछले 100 दिनों से चल रहे युद्ध के बाद संघर्ष विराम की उम्मीदें बन गई हैं। तेहरान ने भी इस घोषणा की पुष्टि करते हुए कहा है कि युद्ध जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका इजरायल के हमले के बाद शुरू हुआ था उसे सोमवार सुबह से खत्म कर दिया जाएगा। हालांकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस समझौते को लेकर जानकारी दी थी लेकिन अंत में वो देश कतर था जिसने दोनों देशों के बीच शांति समझौता करवाया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा ‘कतर तारीफ का हकदार है और उसे इसका श्रेय मिलना चाहिए। इस समझौते में कतर ने हमारी बहुत मदद की। हमें यह समझना होगा कि कतर किसी भी दूसरे देश, यहां तक कि UAE से भी ज्यादा हर चीज के केंद्र में है।’ ट्रंप ने आगे कहा ‘वहां पहुंचने में डेढ़ घंटे की फ्लाइट लगती है और सऊदी अरब के लिए भी ऐसा ही है। एक बार जब आप एक सीमा पार कर लेते हैं तो आप वहां पहुंच जाते हैं। यह अविश्वसनीय रूप से दुश्मनी वाले इलाके के बीच में है और अलग-अलग पक्षों से घिरा हुआ है।’
पाकिस्तान नहीं करा पाया अमेरिका-ईरान में शांति समझौता – ट्रंप ने आगे कहा ‘उन्होंने (कतर) बहुत बड़ी मदद की। इस मामले को पूरा करने में कतर ने बहुत बड़ी सहायता की और मैं चाहता हूं कि लोग इसे समझें। वे बहुत बहादुर थे और उनके नेता, अमीर, बहुत ही ज्यादा बहादुर थे।’ यानि ईरान और अमेरिका ने शुक्रवार को होने वाले समझौते के लिए पाकिस्तान की जगह यूरोप को चुना है। माना जा रहा है कि स्विट्जरलैंड के जिनेवा में दोनों देशों के बीच बैठक होगी। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने पुष्टि की कि सैन्य अभियानों के ‘जल्द’ खत्म होने की उम्मीद है।
ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक गरीबाबादी ने कहा कि सोमवार से ‘लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर युद्ध और सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से खत्म करने’ की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतिम समझौते पर बातचीत 60 दिनों की अवधि के दौरान होगी जो इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान यह पुष्टि करे कि अमेरिका ने अपने वादे पूरे कर लिए हैं। इन वादों में दुश्मनी खत्म करना, नौसैनिक नाकेबंदी हटाना और ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना शामिल है।