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इम्यून सिस्टम से जुड़ी है ल्यूपस की बीमारी, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीकें


ल्यूपस एक गंभीर और ऑटोइम्यून बीमारी है। यह शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली ऑटो एंटी बॉडी बनाती है। जो शरीर को हेल्दी रखने वाले सेल्स को नष्ट कर उसे बीमार करता है जिससे दिमाग, दिल, फेफड़े, गुर्दे और त्वचा के साथ शरीर के कई हिस्से प्रभावित होते है। इससे शरीर में दाग, सूजन और दर्द हो सकती है। इस बीमारी को सिस्टेमिक ल्यूपस एरिथेमैटोसस भी कहते है।

लक्षण
– बुखार, थकान
– शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द
– चेहरे पर तितली के पंख जैसे लाल चकते या दाद होना

– सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने से त्वचा को नुकसान पहुंचना
– सांस लेने में तकलीफ
– सूखी आंखें
– छाती और सिर में दर्द
– उलझन या भ्रम और स्मरण शक्ति का काम होना

कारण
यह बीमारी साइटोमेगालो वायरस या हेपेटाइटिस- सी नामक वायरस के कारण होती है।
– यह बीमारी अनुवांशिक होती है। अगर आपके परिवार के किसी सदस्यों को पहले यह बीमारी थी तो आपको भी यह होने का खतरा हो सकता है।
– धूम्रपान, प्रदूषण, सिलिका धूल के संपर्क में रहने से भी यह बीमारी हो सकती हैं।
– संवेदनशील स्किन वाले लोगों में सूर्य की किरणों का एक्सपोजर, इंटरनल चेंज ल्यूपस से संबंधित त्वचा पर घाव और उनके लक्षणों को बढ़ाते है।
इलाज
ल्यूपस के लक्षम समय के साथ बदल सकते है। कई बार इसके लक्षण सामान्य रोग की तरह होते है। इसलिए डॉक्टर से इसका परीक्षण करके इलाज करवाएं।
रखें यह सावधानी
इस बीमारी से बचना वैसे तो बहुत ही मुश्किल होता है लेकिन कुछ सावधानियां बरत कर इसके इंफेक्शन से बचा जा सकता है।
– सूर्य की रोशनी के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए।
– बीमारी से पीड़ित लोगों के आस-पास न रहें।
– हर छोटी बात पर टेंशन न लें।
– इंफेक्शन होने पर अधिक से अधिक आराम करें।
– धूम्रपान न करेें क्योंकि इससे दिल और रक्त वाहिकाओं की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
– शरीर पर लाल चकते, बुखार, दर्द या थकान होने पर डॉक्टर को जरुर दिखाएं।
– स्प्राउट्स, बीज वाली चीजों से बच कर रहें।
– बेक, तले हुए, डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें।
डाइट में शामिल करें ये चीजें
– एंटी ऑक्सीडेंटस से भरपूर सब्जियां और फल लें।
– अलसी, कैनोला ऑइल, ऑलिव ऑइल, मछली, अलसी, मूंगफली आदि डाइट में शामिल करें।
– हड्डियों और मसल्स को मजबूत बनाने के लिए लो फैट मिल्क, दही या योगर्ट, चीज, पालक और ब्रॉकली जैसी चीजें खाएं।