
वाशिंगटन : किसी ग्रह पर ऑक्सीजन एवं जैविक मिश्रणों की मौजूदगी से यह अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए कि वहां पर जीवन भी संभव होगा। एक अध्ययन में यह बात कही गई है। निकट और दूर के सौरमंडलों में जीवन की खोज में लगे अनुसंधानकत्र्ताओं ने अक्सर यह स्वीकार किया है कि किसी ग्रह के वातावरण में ऑक्सीजन की मौजूदगी इस बात का पक्का संकेत है कि वहां जीवन हो सकता है।
अमरीका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवॢसटी के अनुसंधानकत्र्ताओं ने इस मान्यता पर फिर से विचार करने का सुझाव दिया है। सौरमंडल से दूर के ग्रहों के वातावरण को प्रयोगशाला में तैयार कर अनुसंधानकत्र्ता जैविक यौगिक पदार्थों एवं ऑक्सीजन के साथ ही जीवन की अनुपस्थिति दोनों को कायम करने में सफल रहे। अध्ययन के ये निष्कर्ष ए.सी.एस. और स्पेस कैमिस्ट्री पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
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