Saturday , May 30 2026 3:08 AM
Home / News / India / नीट एग्जाम में वायुसेना की मदद लेने का प्रस्ताव; पूर्व सांसद बोलीं- नेवी की पनडुब्बियों का भी इस्तेमाल कीजिए

नीट एग्जाम में वायुसेना की मदद लेने का प्रस्ताव; पूर्व सांसद बोलीं- नेवी की पनडुब्बियों का भी इस्तेमाल कीजिए


सरकार 21 जून को होने वाली नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और बिना गड़बड़ी आयोजित करने के लिए प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के वास्ते भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की मदद लेने की संभावना पर विचार कर रही है। सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस विकल्प पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। वहीं सरकार के इस प्रस्ताव पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा कि आंसर शीट को परीक्षा केंद्रों से उठाने, उसे OSM सर्वर पर अपलोड करने के लिए नैवी सबमरीन का इस्तेमाल कीजिए। जय हो सरकार।
जय हो सरकार-प्रियंका चतुर्वेदी – प्रियंका चतुर्वेदी ने X पर नीट संबंधी खबरों को साझा करते हुए लिखा, भारतीय वायु सेना अब एग्जाम के पेपर्स पहुंचाएगी। ठीक है। अगले पोस्ट में शिवसेना (UBT) की नेता ने लिखा, ‘क्रोनोलॉजी समझिए, आर्मी प्रिंटिंग सेंटर से नीट एग्जाम पेपर उठाएगी। सेना के बुलेट प्रूफ गाड़ियां उन्हें नजदीकी एयरबेस तक लेकर जाएंगी। भारतीय वायुसेना इन प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों पर तक पहुंचाएगी। प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा कि आंसर शीट को परीक्षा केंद्रों से उठाने, उसे OSM सर्वर पर अपलोड करने के लिए नेवी सबमरीन का इस्तेमाल कीजिए। जय हो सरकार।’
वायु सेना की मदद लेने पर किया जा रहा विचार – न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि क्या राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए आईएएफ के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि हालांकि, अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इस विकल्प पर अंतिम फैसला लेने के लिए इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा।
रक्षा मंत्री के साथ बैठक में सीनियर अफसर रहे मौजूद – सूत्रों ने बताया कि माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं और उन्हें परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित हर जानकारी दी जा रही है। गुरुवार को हुई बैठक में परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर ध्यान दिया गया, जिसमें शिक्षकों द्वारा प्रश्नपत्र तैयार करने और प्रश्नपत्र छापने से लेकर परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था तक सभी मुद्दे शामिल थे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों समेत अन्य लोग बैठक में मौजूद थे।
नीट का पेपर लीक होने के बाद क्या क्या हुआ? – नीट परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।
एनटीए ने 12 मई को नीट को प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था और पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था।
एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित कीं, देशभर में तलाशी अभियान चलाए और त्वरित गिरफ्तारियां कीं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।’’
सीबीआई ने पहले कहा था कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने के वास्तविक स्रोत का पता चल चुका है।