
केन्याः अफ़्रीकी देश केन्या के नैरोबी में सड़कों पर भीख मांगने वाले एक लड़के की भावनात्मक तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं। इस भीख मांगने वाले लड़के का नाम लिटल जॉन थुओ है। ये बच्चा ट्रैफिक सिग्नल के समीप रुकने वाली गाड़ियों में बैठे लोगों से भीख मांगता था। इस दिन भी जब एक कर में बैठे लोगों के समीप भीख मांगने पहुंचा ताे उसने देखा कि गाडी की अगली सीट पर ड्राइवर सीट के बगल में एक महिला बैठी हुई दिखी, जिसके चेहरे पर ऑक्सीजन मास्क और शरीर में अन्य उपकरण लगे हुए थे। उसने जब महिला के बारे के बारे में पूछा और उसके बाद उसकी भावनाएं अनियंत्रित हो गईं और आंखों से आंसू निकल आए। उसे यह एहसास हुआ कि हालांकि सड़कों पर उसका जीवन बेहद कठिन है लेकिन ग्लेडिस की स्थिति उस समय उससे भी बदतर थी। जिसके बाद उसने अपने हाथ उठाए और भगवान से महिला की मदद के लिए गुहार लगाने लगा। यह क्षण बेहद भावुक थे, जिन्हें लोगों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया।
कार में सवार महिला का नाम ग्लैडिस कमेन्डे नाम था। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, वह पिछले काफी समय से बीमार चल रही है और उसे सर्जरी की आवस्यकता है। इसलिए उस दिन उसके कुछ दोस्त उसे कार में बिठाकर सड़कों पर लोगों से मदद मांगने निकले थे, ताकि उसकी सर्जरी के लिए पैसे जुटाए जा सकें। लेकिन तभी यह लड़का उनकी कार के पास आया और पैसे मांगने लगा। लेकिन उनकी स्थिति जानने के बाद बुरी तरह से रोते हुए जॉन ने उस वक्त तक भीख से जुटाए गए 100 शिलिंग्स को ग्लेडिस के फेफड़ों के पुनर्निर्माण सर्जरी के लिए दान कर दिया। 32 साल की ग्लेडिस के फेफड़े बेकार हो चुके हैं, जिसके कारण उन्हें हमेशा ऑक्सीजन सिलिंडर को अपने साथ रखना पड़ता है। ग्लैडिस की अब तक 12 सर्जरी हो चुकी हैं लेकिन एक सर्जरी ने उनकी आखों की रौशनी को छीन लिया था जिसके बाद वो अंधी हो गई थीं। इस घटना के बाद जॉन, ग्लेडिस के पास से नहीं गया और उसने ड्रग की उस बोतल को भी फेंक दिया, जिसका इस्तेमाल वो ड्रग लेने में करता था। इसके बाद उस महिला ने ग्लेडिस की जिम्मेदारी ली और उसे संभालने के लिए चिल्ड्रेन्स होम के पास भेज दिया। महिला ने वादा किया कि जब वो स्वस्थ हो जाएंगीं तो उसके पास जरूर आएंगी।
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