
दुनिया के दो अहम मुस्लिम देशों पाकिस्तान और सऊदी अरब ने अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होने के अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान और सऊदी अरब को अमेरिका का करीबी माना जाता है लेकिन दोनों ने इजरायल को मान्यता देने के सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में नहीं आने का संकेत दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुस्लिम देशों पर अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजरायल के साथ राजनयिक रिश्ते कायम करने का दबाव बना रहे हैं, जिस पर सऊदी और पाकिस्तान से प्रतिक्रिया आई है।
डोनाल्ड ट्रंप की मुस्लिम-बहुल देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने की बात को पाकिस्तान ने नकार दिया है। इस्लामाबाद का कहना है कि ईरान कूटनीति और इजरायल से संबंध आपस में जुड़े नहीं हैं। रॉयटर्स ने पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से कहा कि इस्लामाबाद ऐसी मांग को मानने के लिए बाध्य नहीं है। पाकिस्तान का इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने का कोई इरादा नहीं है।
सऊदी अरब ने किया खारिज – पाकिस्तान के अलावा अरब जगत की बड़ी ताकत सऊदी अरब ने भी डोनाल्ड ट्रंप की अपील को खारिज किया है। सऊदी की ओर से सोमवार को कहा गया है कि जब तक आजाद फिलिस्तीनी देश को मान्यता नहीं मिलती है, तब तक इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
Home / News / ‘इजरायल को मान्यता दो’, ट्रंप के दबाव पर आया पाकिस्तान और सऊदी का जवाब, क्या माने? जानें
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