
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव और दो अतिरिक्त निजी सचिवों को 3 जुलाई को जारी आदेश के बाद अचानक बर्खास्त कर दिया गया। ये तीनों साल 2022-2023 से भूपेंद्र यादव के ऑफिस में काम कर रहे थे। अब किन वजहों से इन्हें हटाया गया है, यह साफ नहीं हो पाया है।
मंत्री के निजी सचिव, अमर सिंह – जो 2010 बैच के आईआरएस-आईटी अधिकारी हैं, लगभग 5 सालों से इस पद पर काम कर रहे हैं। जब यादव 2021 से 2024 तक श्रम मंत्री थे, तब भी सिंह उनके निजी सचिव थे और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद यादव के पर्यावरण मंत्री बनने पर उन्हें फिर से निजी सचिव नियुक्त किया गया था।
सिंह को अब प्रशासनिक कारणों से उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है। केंद्रीय सचिवालय सेवा के अतिरिक्त प्राइवेट सेक्रेटरी, शैलेश कुमार सिंह को भी समय से पहले उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है। दूसरे अतिरिक्त निजी सचिव, आयुष सरन की सेवाएं ‘तत्काल प्रभाव से समाप्त’ कर दी गई हैं।
पीएमओ तक पहुंची आदेश की कॉपी – जानकारी के मुताबिक तीनों निजी सचिव को हटाने के आदेश की कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), डीओपीटी समेत अन्य विभागों में पहुंच चुका है। हालांकि, तीनों को निकाले जाने की वजह क्या है यह अभी क्लियर नहीं हो पाया है।
वहीं, मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव आयुष शरण की नियुक्ति को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। आदेश के मुताबिक अतिरिक्त निजी सचिव शैलेश कुमार सिंह को भी समय से पहले उनके मूल कैडर में भेज दिया गया है।
भूपेंद्र यादव कौन हैं? – भूपेंद्र यादव भाजपा के दिग्गज नेता हैं जो केंद्र सरकार में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। वह वर्तमान में राजस्थान की लोकसभा सीट से सांसद हैं। इससे पहले वह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में श्रम और रोजगार मंत्री भी रहे थे। उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी गई थी। उन्हें पार्टी के दिग्गज रणनीतिकारों में से एक माना जाता है।
Home / News / India / केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दफ्तर में बढ़ी हलचल, 3 निजी सचिव एक साथ बर्खास्त, PMO तक पहुंचा मामला
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website