
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित होने के बाद सोमवार को बजट सत्र का सत्रावसान हो गया। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों द्वारा जारी अलग-अलग बयानों के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को सत्रावसान कर दिया।
कब शुरू हुआ था संसद का सत्र – संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ था और इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चला था। इसका दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू हुआ और सरकार ने पहले घोषणा की थी कि यह दो अप्रैल तक चलेगा। लेकिन दो अप्रैल को संसद के दोनों सदनों में घोषणा की गयी कि तीन दिवसीय विशेष बैठक 16 से 18 अप्रैल को होगी। सत्र को बीते शनिवार अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
सत्र में कितने विधेयक पारित हुए? – इस सत्र के दौरान सरकार ने नौ विधेयक पारित करवाए। आखिर में सत्र की तीन दिवसीय बैठक के दौरान महिला आरक्षण से अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर एकसाथ चर्चा की गई। हालांकि संविधान संशोधन विधेयक पर हुए मत विभाजन में यह पारित नहीं हो पाया।
सत्र के दौरान दोनों सदनों में कितना काम हुआ? – इस कारण से सरकार ने अन्य दो विधेयक पारित करवाने के लिए नहीं रखा। मोदी सरकार के लगभग 12 वर्ष के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ जब कोई सरकारी विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका।जहां एक तरफ सत्र के दौरान राजयसभा में 157 घंटे काम हुआ वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में 151 घंटे से ज्यादा काम हुआ। राज्यसभा में जहां 50 प्राइवेट मेंबर बिल पेश हुए , वहीं लोकसभा में 12 सरकारी विधेयक दोबारा लाए गए और 9 विधेयक पारित किए गए।
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