
मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को मुंबई नगर निकाय को निर्देश दिया कि वह कामेडियन कपिल शर्मा और अभिनेता इरफान खान द्वारा दाखिल याचिकाओं के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल करें। शर्मा और खान ने उपनगर गोरेगांव में अपने फ्लैटों में कथित अवैध निर्माण के संबंध में जारी नोटिसों को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति एन एच पाटिल की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में सभी पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने बीएमसी से मांगा जवाब
इसका अर्थ यह है कि नगर निकाय कथित अवैध निर्माण को गिराने के लिए कार्रवाई शुरू नहीं कर सकेगा। नगर निकाय ने मुंबई नगर निगम कानून की धारा 351 के तहत 28 अपै्रल को शर्मा तथा खान को नोटिस जारी किया था। निकाय ने दावा किया था कि उनके फ्लैटों में कुछ निर्माण अवैध हैं और इसलिए उन्हें गिराना होगा। उच्च न्यायालय ने नगर निकाय को याचिकाओं के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल करने का गुरुवार को निर्देश दिया।
आठ दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले में अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होगी। शर्मा ने अपनी याचिका में दावा किया कि बृहन्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) का नोटिस दुर्भावनापूर्ण इरादों से जारी किया गया। शर्मा ने पिछले महीने उस समय एक विवाद को हवा दे दी थी जब उन्होंने आरोप लगाया था कि बीएमसी के एक अधिकारी ने उनसे पांच लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद निकाय ने दावा किया कि अभिनेता ने न सिर्फ अपने फ्लैट में बल्कि वर्सोवा स्थित अपने कार्यालय में भी मानकों का उल्लंघन किया है।
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