
भारत की चिंता बदमिजाज तुर्की ने बढ़ा दी है। वह एक ऐसी खतरनाक अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल बना रहा है, जिसके निशाने पर भारत को बताया जा रहा है। दरअसल, हाल ही में तुर्की ने इस्तांबुल में SAHA 2026 रक्षा और अंतरिक्ष प्रदर्शनी में बेहद गुपचुप तरीके से अपनी नई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल ‘यिल्दिरिमहान’ (बिजली) का अनावरण किया। यह मिसाइल तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन की इस्लामी महत्वाकांक्षा को दर्शाती है, जो पश्चिम एशिया तक ही सीमित नहीं है। एर्दोगन अक्सर पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए कश्मीर में आतंकवाद को भी अलगाववाद बताकर जायज ठहराते रहे हैं।
तुर्की की मिसाइल के दायरे में पूरा भारत – संडे गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 5 मई 2026 को तुर्की ने इस्तांबुल में SAHA 2026 में यिल्दिरिमहान (बिजली) अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का अनावरण किया।
तुर्की के अधिकारियों ने कहा-यह नई मिसाइल 3,000 किलोग्राम का वारहेड 25 मैक की गति से ले जा सकती है। तुर्की का दावे अगर सही हैं तो वह इस साल के अंत में इस मिसाइल का परीक्षण करेगा। दावा है कि इससे यूरोप, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और भारत का पूरा क्षेत्र तुर्की की मिसाइलों की मारक क्षमता के दायरे में आ जाएगा।
जब तैफून मिसाइल है तो फिर इसका टेस्ट क्यों – रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्की को इतनी मारक क्षमता की जरूरत क्यों है? जबकि तुर्की के प्रतिद्वंद्वी देश ग्रीस, साइप्रस, इजरायल, मिस्र, आर्मेनिया और ईरान सभी तुर्की की मौजूदा तैफून मिसाइलों की मारक क्षमता के दायरे में आते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश अपनी सीमाओं पर हमला करने के लिए ICBM विकसित नहीं करते हैं। यिल्दिरिमहान की मारक क्षमता के भीतर एकमात्र संभावित नया लक्ष्य भारत है।
यह संभावना नहीं है कि तुर्की को आइसलैंड या इंडोनेशिया पर हमला करने की आवश्यकता होगी। नाटो सदस्य होने के नाते तुर्की को रूस का मुकाबला करने के लिए अपनी खुद की लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने की भी आवश्यकता नहीं होगी। इससे तुर्की का संभावित लक्ष्य भारत ही बचता है।
Home / News / तुर्की ने चुपचाप बना ली ‘बिजली’ मिसाइल, निशाने पर पूरा भारत, बढ़ा दी नई दिल्ली की चिंता?
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