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लहरों से दलदल तक हर चुनौती का जवाब, कोस्ट गार्ड में शामिल हुआ पहला स्वदेशी होवरक्राफ्ट, दुश्मनों की खैर नहीं!


समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने गुरुवार को अपने बेड़े में पहला स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल (ACV) यानी होवरक्राफ्ट H-561 शामिल कर लिया। गोवा स्थित चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के रस्साइम शिपयार्ड में आयोजित समारोह में इस अत्याधुनिक होवरक्राफ्ट को औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया गया। यह उन 6 होवरक्राफ्ट में पहला है, जिनका निर्माण भारत में किया जा रहा है।
समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मिलेगी नई ताकत – भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि नया होवरक्राफ्ट समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, कानून प्रवर्तन और अन्य समुद्री अभियानों में उसकी परिचालन क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा। इसके जरिए समुद्री क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का तेजी और प्रभावी ढंग से सामना करने में भी मदद मिलेगी।
पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित – H-561 होवरक्राफ्ट को पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह देश के बढ़ते समुद्री औद्योगिक आधार और स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता का मजबूत उदाहरण है। इसका निर्माण ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति देने और रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
क्या है खासियत? – भारतीय तटरक्षक बल के लिए बनाए जा रहे 6 स्वदेशी होवरक्राफ्ट की श्रृंखला में H-561 पहला प्लेटफॉर्म है। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना की सफलता कई सरकारी एजेंसियों, रक्षा मंत्रालय, भारतीय उद्योग और तटरक्षक बल के बीच बेहतर समन्वय और वर्षों की मेहनत का परिणाम है।
अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना स्वदेशी इनोवेशन को बढ़ावा देने, देश में जहाज निर्माण विशेषज्ञता को मजबूत करने और एक आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में अहम कदम है। इससे भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता और समुद्री तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूती मिलेगी।
रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत की साझेदारी – इस अवसर ने भारतीय तटरक्षक बल, रक्षा मंत्रालय और घरेलू जहाज निर्माण उद्योग के बीच मजबूत सहयोग को भी रेखांकित किया। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की परियोजनाएं देश में उन्नत स्वदेशी रक्षा समाधान विकसित करने और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप आधुनिक तकनीक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
आधुनिक और सक्षम समुद्री बल की दिशा में कदम – भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि ACV H-561 का बेड़े में शामिल होना भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता के विकास की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य के लिए आधुनिक, सक्षम और तकनीकी रूप से उन्नत तटरक्षक बल के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।