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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बिना वीटो पावर सुधार के लिए तैयार हुए भारत समेत G-4 देश, स्थायी सदस्यता के लिए रखा प्रस्ताव, जानें


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रिफॉर्म के लिए जी-4 देश एक नया प्रस्ताव लेकर आए हैं। जी-2 (भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान) देशों ने कहा है कि वह 15 साल की समीक्षा अवधि तक बिना वीटो पावर के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए तैयार हैं। सुधारों को लेकर लंबे समय से चल रहे गतिरोध को तोड़ने के लिए जी4 ने संयुक्त राष्ट्र के सामने यह प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव में यह साफ किया गया है कि स्थायी सदस्यों की कोई उप-श्रेणी नहीं होगी।
यूएन सुरक्षा परिषद में सुधारों को लेकर एक ‘यथार्थवादी’ रास्ता सुझाते हुए G4 देशों ने प्रस्ताव दिया है कि एक विस्तारित परिषद में नए स्थायी सदस्य समीक्षा अवधि के दौरान किसी निर्णय पर पहुंचने तक वीटो का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इस प्रस्ताव में सुरक्षा परिषद के सदस्यों की संख्या मौजूदा 15 से बढ़ाकर 25 या 26 करने का प्रस्ताव है। नई परिषद में 11 स्थायी सदस्य और 14 या 15 अस्थायी सदस्य होंगे।
यूएन रिफॉर्म के लिए लचीलापन – यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पार्वथनेनी ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में सुधारों पर अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) की बैठक में G4 देशों की ओर से बयान देते हुए कहा कि दुनिया ने UNSC में असली सुधार के लिए बहुत लंबा इंतजार किया है और हम इसके नतीजों को देख रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूएन सुरक्षा परिषद में सार्थक सुधारों को लागू करने के लिए एक यथार्थवादी रास्ता तैयार करना जरूरी है।
वीटो के मुद्दे पर G4 के लचीलेपन को दोहराते हुए पार्वथनेनी ने कहा कि यह समूह इस बात पर जोर देता है कि स्थायी श्रेणी के भीतर कोई उप-श्रेणी नहीं हो सकती। इसी वजह से G4 का यह रुख है कि नए स्थायी सदस्यों की जिम्मेदारियां और दायित्व सिद्धांत रूप से मौजूदा सदस्यों के समान ही होने चाहिए।
फिलहाल 5 स्थायी सदस्य – हरीश पार्वथनेनी ने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे पर खुलापन और लचीलापन दिखाने के मकसद से G4 यह प्रस्ताव देता है कि नए स्थायी सदस्य तब तक वीटो का इस्तेमाल नहीं करेंगे, जब तक कि 15 साल की समीक्षा अवधि के दौरान इस मामले पर कोई निर्णय नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि भारत मानता है कि UNSC की मौजूदा संरचना आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को नहीं दर्शाती है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इफिलहाल वीटो का अधिकार रखने वाले पांच स्थायी सदस्य हैं। ये सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका हैं। बाकी 10 सदस्यों को दो साल के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्यों के तौर पर चुना जाता है। G4 का प्रस्ताव 11 स्थायी सदस्य और 15 अस्थायी सदस्य होने की मांग करता है।