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‘भारत के न्यूक्लियर सफर से जुड़े ऑस्ट्रेलिया के यूरेनियम भंडार’, PM मोदी ने CEO फोरम को किया संबोधित, अल्बनीज से मिले


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मेलबर्न में इंडिया-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ शामिल हुए। इस दौरान अल्बनीज ने पीएम मोदी का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने एक तस्वीर खिंचवाई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बड़े बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया। फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया को स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार बताया। इसके साथ ही परमाणु ऊर्जा में सहयोग पर भी जोर दिया।
वैश्विक ऊर्जा संकट का किया जिक्र – पीएम मोदी ने कहा कि “आज दुनिया अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदारों के तौर पर आगे बढ़ना स्वाभाविक और जरूरी है।” पीएम मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध काफी मजबूत हुए हैं, जो दोनों देशों के बढ़ते आर्थिक संबंधों को दिखाता है।
उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया से भारत का निर्यात दोगुना हो गया है और दोनों देशों को नए बाजारों तक पहुंच मिली है।” पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक जगह बताया। उन्होंने कहा, “दोनों देशों ने निवेश और इनोवेशन के ‘हवाई जहाज’ को उड़ाने के लिए एक ‘नया रनवे’ तैयार किया है।”
क्या है इंडिया-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम? – सीईओ फोरम 2012 से सक्रिय है और इसे 2023 में पीएम मोदी और अल्बनीज ने फिर से लॉन्च किया था।
सीईओ फोरम हर साल मिलता है और भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के लिए आर्थिक खुशहाली बढ़ाने के तरीकों पर सरकार के प्रमुखों को सलाह देता है।
पूरे साल सीईओ फोरम दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर फोकस करने वाले कई तरह के इवेंट्स में हिस्सा लेता है।
यह फोरम आर्थिक संबंधों को बढ़ाएगा और अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापार और निवेश में ऑस्ट्रेलिया-भारत सहयोग को लागू करने में मदद करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट जीरो एमिशन तक पहुंचने के बड़े टारगेट तय किए हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की तकनीकी विशेषज्ञता, वित्तीय रिसोर्स और नेचुरल रिजर्व भारत के ऊर्जा ट्रांजिशन को तेज करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
हाल के पॉलिसी रिफॉर्म्स का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कुछ महीने पहले भारत ने परमाणु क्षेत्र को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया। हमने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का टारगेट रखा है। ऑस्ट्रेलिया के बड़े यूरेनियम रिजर्व सीधे भारत के न्यूक्लियर सफर से जुड़े हैं।” प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत के तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में हिस्सा लेने के लिए भी निमंत्रण दिया और कहा कि पोर्ट, एयरपोर्ट, हाईवे, रेलवे और शहरी विकास प्रोजेक्ट्स में बहुत मौके हैं।
अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे पीएम मोदी – पीएम मोदी, पीएम एंथनी अल्बनीज के साथ तीसरे वार्षिक समिट की सह-अध्यक्षता भी करेंगे और आपसी फायदे के सभी क्षेत्रों में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत भी करेंगे। प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बातचीत के अलावा वह ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन से भी मुलाकात करेंगे। वह मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक बड़े समूह को भी संबोधित करेंगे। बुधवार को इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर निकले पीएम मोदी का मेलबर्न में भारतीय समुदाय ने जोरदार स्वागत किया।