
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बुधवार को बीजिंग की अपनी चार दिन की यात्रा का समापन करते हुए कहा कि नेपाल सरकार भारत और चीन के साथ ‘‘मजबूत संबंध’’ बनाना चाहती है। यात्रा के दौरान, खनाल ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी और वरिष्ठ नेताओं—चीनी पीपल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस (सीपीपीसीसी) की राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष वांग हुनिंग और चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के मंत्री लियू हैक्सिंग के साथ व्यापक और गहन बातचीत की। खनाल की बीजिंग यात्रा उनकी भारत यात्रा के तुरंत बाद हुई जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार भारत के साथ संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या नयी दिल्ली और बीजिंग की यात्राओं का मकसद नेपाल के दो बड़े पड़ोसियों के बीच संतुलन बनाना है, तो खनाल ने कहा कि भारत और चीन, दोनों ही देश के लिए अहम साझेदार हैं। खनाल ने चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ से कहा, “मेरी यात्रा यह दिखाने के लिए थी कि हम दोनों देशों को कितना महत्व देते हैं। हम अपने मौजूदा रिश्तों को और आगे बढ़ाना चाहते हैं और उन्हें पहले के मुकाबले और मज़बूत, बेहतर और प्रगाढ़ करना चाहते हैं।” वांग के साथ बातचीत के बाद, खनाल ने कहा कि उन्होंने अपने चीनी समकक्ष के साथ कनेक्टिविटी, सीमा प्रबंधन, व्यापार, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और बहुपक्षीय सहयोग समेत द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।
Home / Uncategorized / चीन से नजदीकी और भारत की टेंशन? जानिए नेपाल के बदलते पैंतरे नई दिल्ली के लिए क्यों हैं बड़ी चुनौती
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website