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‘ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा, डील हो या नहीं’, अमेरिका के समझौते पर नेतन्याहू का पहला बयान


अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के कुछ घंटे बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया दी है। डील पर अपनी असहमति जाहिर करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि उनकी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राय हमेशा एक जैसी नहीं होती है। इजरायली प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि डील हो या न हो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इजरायली सेना गाजा, लेबनान और सीरिया में जब तक जरूरी होगा तब तक बनी रहेगी। लेबनान में इजरायली सेना की मौजूदगी से ईरान भड़क सकता है। हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध रोकना ईरान की प्रमुख शर्तों में है।
अमेरिका और ईरान के बीच डील होने के बाद नेतन्याहू ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह तीन महीनों में उनकी पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। शुरुआत में नेतन्याहू ने अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर सीधे बात करने से परहेज किया और ईरान व मध्य पूर्व में इजरायल की कामयाबियों पर ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इजरायल को अभी तक इस समझौते के बारे में जानकारी नहीं है।
ट्रंप के साथ ईरान डील पर असहमति – ईरान और अमेरिका के बीच डील पर असहमति जताते हुए ऐसी असमहति ‘अच्छे-अच्छे परिवारों में भी हो जाती है।” उन्होंने कहा कि “राष्ट्रपति ट्रंप और मेरी राय हमेशा एक जैसी नहीं होती। वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं और मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं। मैं इजरायल की सुरक्षा के हितों के लिए जिम्मेदार हूं और यह काम समझदारी से किया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा।
समझौता हो या न हो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। न आज और न ही कल। जब तक मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं, ऐसा नहीं होगा। बेंजामिन नेतन्याहू, इजरायली प्रधानमंत्री
लेबनान, गाजा, सीरिया में रहेगी इजरायली सेना – नेतन्याहू ने आगे कहा कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। हमें अपनी रक्षा के लिए सतर्क, मजबूत और दृढ़ रहना होगा, जैसा कि जरूरी है। नेतन्याहू ने साफ किया कि इजरायल का दक्षिणी लेबनान, गाजा या सीरिया से हटने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, हम अपने देश की रक्षा के लिए जरूरी समय तक सुरक्षा क्षेत्रों में बने रहेंगे।
नेतन्याहू ने समझौते को लेकर अनिश्चितता की बात स्वीकार की और कहा, हमें अभी भी नहीं पता कि समझौता क्या होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह डील उनकी राय के खिलाफ हुई है, तो इजरायली प्रधानमंत्री ने ट्रंप के साथ लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, समझदारी से काम लेने के लिए बहुत अनुभव और अमेरिकी माहौल की गहरी समझ की जरूरत होती है। मेरा मानना है कि मैं यह काम सबसे अच्छे तरीके से कर रहा हूं।