
रूस के मुद्दे पर भारत को घेरने की कोशिश कर रहे यूरोप को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर आईना दिखाया है। फिनलैंड में एक कार्यक्रम में जब रूसी तेल खरीदने को लेकर जयशंकर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपने जवाब से बोलती बंद कर दी। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि “यूरोपीय देश कई सालों से ऐसे हथियार बेचते हैं, जिनका इस्तेमाल भारत पर हमला करने के लिए किया जाता है। हम भारतीयों ने कभी भी यूरोप को खतरे में डालने के लिए कुछ नहीं किया।”
भारतीय विदेश मंत्री ने ये बातें गुरुवार को फिनलैंड में ‘कुल्तारंता टॉक्स’ के दौरान कहीं। उभरती हुई शक्तियां और नया भू-राजनीतिक मुकाबला विषय पर चर्चा में फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन और UAE की सहायक विदेश मंत्री लाना नुसेबेह भी शामिल हुई थीं।
दुनिया कम कर रही खाड़ी देशों पर निर्भरता – इस दौरान जयशंकर ने कहा कि फरवरी में शुरू हुई ईरान युद्ध के बाद दुनिया ऊर्जा सप्लाई को लेकर खाड़ी देशों पर अपनी निर्भरता कम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज रूस सबसे बड़ा तेल सप्लायर है तो अमेरिका हमारा सबसे बड़ा गैस सप्लायर है। उन्होंने रूसी तेल खरीदने को लेकर हो रही आलोचनाओं पर करारा जवाब दिया।
रूसी तेल पर अमेरिका ने किया था अनुरोध – उन्होंने कहा कि 2022 तक भारत ने रूस से बहुत ज्यादा तेल नहीं खरीदा था। भारत ने रूसी तेल इसलिए खरीदा क्योंकि अमेरिका ने उससे ऐसा करने का अनुरोध किया था। जयशंकर ने कहा कि उस समय अमेरिका ने खास तौर पर भारत से रूस का तेल खरीदने के लिए कहा था ताकि तेल बाजार में स्थिरता बनी रहे। उन्होंने कच्चे तेल के सप्लायर के तौर पर रूस की तारीफ की और कहा कि रूस लगातार सप्लाई करने वाला देश रहा है। वे समय पर कार्गो भेजते रहे हैं।
रूसी तेल पर खारिज किया यूरोप का पाखंड – उन्होंने रूसी तेल खरीदने को लेकर उठने वाले नैतिक सवालों को भी खारिज कर दिया। जयशंयर ने कहा, हमें ऐसा दिखावा नहीं करना चाहिए कि यह सब किसी बड़े सिद्धांत के बारे में है। जयशंकर ने एक बार फिर दोहराया कि भारत की ऊर्जा संबंधी पसंद राष्ट्रीय हित से तय होती है और इसकी खरीद सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने जैसे कारकों पर आधारित होती है।
Home / Uncategorized / जयशंकर ने यूरोप को दिखाया आईना, कहा- यूरोपीय हथियार भारत के खिलाफ हुए इस्तेमाल, रूसी तेल पर करारा जवाब
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website