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होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने की तैयारी में सऊदी अरब, रेड सी क्रूड पाइपलाइन के विस्तार का प्लान, ईरान को झटका!


सऊदी अरब पश्चिमी रेड सी (लाल सागर) तट तक अपनी कच्चे तेल की पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाने पर विचार कर रहा है। सऊदी ईस्ट-वेस्ट क्रूड पाइपलाइन क्षमता को 2 मिलियन बैरल हर दिन तक ले जाना चाहता है। इससे सऊदी अरब और उसके पड़ोसी खाड़ी देशों को अपना तेल सुरक्षित तरीके से दुनिया को भेजना आसान होगा। पाइपलाइन के जरिए वे जोखिम भरे चोकपॉइंट (संकरे समुद्री रास्ते) से गुजरे बिना वैश्विक बाजारों तक तेल पहुंचा सकेंगे। अहम समुद्री गलियारे होर्मुज स्ट्रेट में चल रही रुकावट को देखते हुए सऊदी इस पाइपलाइन का विस्तार चाहता है।
रॉयटर्स के मुताबिक, 1980 के दशक में बनी मौजूदा ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों से यानबू के रेड सी एक्सपोर्ट टर्मिनल तक 7 मिलियन बैरल प्रति दिन तक तेल पहुंचा सकती है। होर्मुज संकट के बाद से यह सऊदी के लिए महत्वपूर्ण एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर बन गया है, जिससे लाखों बैरल तेल को फारस की खाड़ी से गुजरे बिना भेजा गया। अब रियाद और तेजी से इस पर बढ़ना चाहता है। वह ईरान को भी झटका देना चाहता है।
पड़ोसी देशों के साथ बातचीत – यह पाइपलाइन रेड सी के यानबू पोर्ट तक हर दिन 7 मिलियन बैरल (bpd) तक कच्चा तेल पहुंचा सकती है। सरकारी तेल कंपनी अरामको ने मई में बताया था कि इसमें से करीब 2 मिलियन bpd पश्चिमी तट की रिफाइनरियों में जाता है। वहीं तकरीबन 5 मिलियन bpd एक्सपोर्ट के लिए होता है।
सऊदी पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाने पर अपने पड़ोसी देशों के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं है कि अरामको की क्षमता बढ़ाने की योजना में मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना शामिल होगा या नई पाइपलाइन बनाना। इस बढ़ोतरी में तेल उत्पादों के लिए छोटी दूसरी पाइपलाइन शामिल हो सकती है।
अरबों डॉलर का आएगा खर्च – कुवैत, बहरीन और कतर के पास ऐसे रास्ते नहीं हैं, जो होर्मुज को बायपास कर सकें। इराक की तुर्की जाने वाली पाइपलाइन बार-बार बंद होने के कारण क्षमता से कम पर चल रही है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के CEO शेख नवाफ अल-सबा पिछले महीने चुके हैं कि हम सऊदी और अमीरात में बातचीत कर रहे हैं कि उनके पाइपलाइन सिस्टम का विस्तार किया जाए ताकि उसमें कुवैती तेल (बैरल) शामिल हो सके।
इस योजना पर एक अन्य सूत्र ने कहा कि इसमें कई साल लगेंगे और अरबों डॉलर का खर्च आएगा। इसके लिए शायद सऊदी कच्चे तेल की कीमत तय करने के तरीके में बदलाव की जरूरत होगी। फिलहाल इसको लेकर बातचीत शुरुआती चरण में है। आने वाले समय में इस पर सऊदी और पड़ोसियों की ओर कुछ ऐलान होने की संभावना है।
ईरान युद्ध का होर्मुज पर असर – अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब के तौर पर ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य का ट्रैफिक रोकने की वजह से खाड़ी देशों को 12 मिलियन bpd तक उत्पादन रोकना पड़ा है, जिससे ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। अमेरिका-ईरान के बीच शुरुआती समझौते में होर्मुज को खुला रखने को प्राथमिकता दी गई है लेकिन इस गलियारे में तनातनी बरकरार है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट पर अरामको ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सऊदी और बहरीन सरकार के कम्युनिकेशन ऑफिस, इराक के तेल मंत्रालय और कतरएनर्जी ने टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है।