
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के खिलाफ लड़ाई में उन्हें ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन (नाटो) का साथ नहीं मिला, जिसने उन्हें निराश किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में नाटो चीफ मार्क रुटे के साथ बैठक की है। इस बैठक में उन्होंने नाटो के उन सदस्यों के रवैये पर निराशा जताई, जो लड़ाई में अमेरिका के साथ नहीं आए। उन्होंने नाम लेकर स्पेन, जर्मनी और दूसरे देशों की आलोचना की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों में हमें यूरोपीय समर्थन नहीं मिला। उन्होने खुलकर कई देशों के नाम लेते हुए आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्पेन का रवैया बहुत बुरा है। मुझे इटली से निराशा हुई तो मैं यूके से भी नाखुश हूं। जर्मनी और फ्रांस ने भी हमारा साथ नहीं दिया है।
हमें निराशा हुई। हमें इस मामले में मदद की बिल्कुल जरूरत नहीं थी। हमने सचमुच पहले ही हफ्ते में ईरान को तबाह कर दिया था लेकिन अगर नाटो मेंबर कहते कि हम मदद करना चाहते हैं तो यह अच्छा होता। डोनाल्ड ट्रंप
हमे नाटो से वफा चाहिए: ट्रंप – डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम नाटो के ज्यादातर सहयोगियों से निराश हैं। वे कुछ भी करना नहीं करना चाहते। उन्हें लगता है कि उन्हें सब कुछ मुफ्त में मिल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं होता है। हमें उनसे भरोसा चाहिए। हमें उनके पैसे, सेना या किसी और चीज की जरूरत नहीं है। हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है।
ट्रंप ने कहा कि मैं इन देशों से कुछ नहीं चाहता लेकिन हमें वफादारी चाहिए। आप जानते हैं कि हम हमेशा उनके लिए लड़ते हैं। यूके और पूरे यूरोप में हमारे हजारों सैनिक तैनात हैं। जर्मनी में ही हमारे 50,000 सैनिक हैं। हम उनकी लगातार मदद कर रहे हैं लेकिन वे मदद नहीं करते हैं तो ये ठीक रवैया नहीं है।
नाटो पर आक्रामक हैं ट्रंप – डोनाल्ड ट्रंप 77 साल पुराने नाटो अलायंस को छोड़ने का संकेत देते रहे है। हालांकि मार्क रुटे ने बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप की खूब तारीफ की है। माना जा रहा है कि वह अगले महीने तुर्की में होने वाले NATO नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले डोनाल्ड ट्रंप को मना लेंगे और गठबंधन में चीजें पटरी पर आ जाएगी।
ट्रंप ने लगातार नाटो की आलोचना की है लेकिन ईरान के साथ लड़ाई के बाद से उनकी नाराजगी बढ़ गई है। ज्यादातर नाटो सदस्यों ने ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ देने से हाथ पीछे खींच लिए थे और युद्ध की आलोचना तक की थी। होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की ट्रंप की अपील को भी यूरोप के देशों ने नजरअंदाज किया था।
रुटे ने ट्रंप को संभाला – मार्क रुटे ने बैठक में डोनाल्ड ट्रंप की शिकायतों पर नरमी से जवाब देते हुए कहा कि मुझे पता है कि कुछ ऐसे मामले रहे हैं जिनसे आप सच में निराश हैं लेकिन यह भी सच है कि आमतौर पर यूरोपीय सहयोगी आपके साथ खड़े रहे हैं। ईरान में सीजफायर से पहले भी यूरोप में मौजूद बेस से 4,000 से 5,000 अमेरिकी विमानों ने उड़ान भरी थी।
पिछले साल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद मार्क रुटे का यह पांचवां दौरा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पिछले हफ्ते ब्रुसेल्स में NATO मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सहयोगियों की कड़ी आलोचना की थी। उनका विभाग यूरोप में अमेरिकी सेना की छह महीने की समीक्षा भी कर रहा है।
Home / Uncategorized / स्पेन बहुत बुरा, इटली-फ्रांस से भी निराश, नाटो चीफ के सामने फूटा ट्रंप का गुस्सा, बोले- ईरान युद्ध में नहीं मिला साथ
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