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डिएगो गार्सिया बेस पर फुल कंट्रोल की तैयारी में ट्रंप, ब्रिटेन को किनारे कर मॉरीशस से खरीदेंगे चागोस आइलैंड, खुलासा


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मॉरीशस से चागोस द्वीप समूह खरीदने के बारे में विचार कर रहे हैं। टेलीग्राफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने ब्रिटेन को दरकिनार कर डिएगो गार्सिया पर नियंत्रण के लिए सीधी बातचीत का विकल्प तैयार किया है। डिएगो गार्सिया ब्रिटेन और अमेरिका का संयुक्त मिलिट्री बेस है, जो हिंद महासागर के चागोस द्वीप समूह पर स्थित है। ब्रिटेन ने इस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को देने का फैसला किया था, लेकिन ट्रंप की आपत्ति के बाद यह योजना रुकी हुई है।
मॉरीशस से सीधे डील की योजना – टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, चागोस पर नियंत्रण के लिए अमेरिका ने मॉरीशस से सीधे बातचीत की योजना तैयार की है। इस संभावित प्रस्ताव से डिएगो गार्सिया पर अमेरिका का कंट्रोल पक्का हो जाएगा। इस प्रस्ताव के तहत ट्रंप प्रशासन ब्रिटेन को दरकिनार कर द्वीप खरीदेगा और डिएगो गार्सिया मिलिट्री बेस पर नियंत्रण हासिल कर लेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी डिएगो गार्सिया के भविष्य को लेकर चिंतित है। यहां एक अहम मिलिट्री बेस है जिसका इस्तेमाल पश्चिम एशिया में लंबी दूरी के ऑपरेशन के लिए किया जाता है। वॉइट हाउस इस बेस के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ब्रिटेन के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। लेकिन अब कई संभावित विकल्पों में से एक के तौर पर इसे सीधे खरीदने पर विचार किया जा रहा है।
डिएगो गार्सिया पर होगा फुल कंट्रोल – इस संभावित प्रस्ताव से अमेरिका का डिएगो गार्सिया पर सीधा कंट्रोल हो जाएगा, लेकिन इसके लिए पहले द्वीप को संप्रभु बनाना होगा, ताकि वॉशिंगटन सीधे मॉरीशस के साथ इसकी खरीद पर बातचीत कर सके। इसके पहले ब्रिटेन ने द्वीपों को मॉरीशस को सौंपने से जुड़ा अपना पिछला कानून अप्रैल में तब रोक दिया था, जब अमेरिका ने इस समझौते से अपना समर्थन वापस ले लिया था।
इससे पहले ब्रिटेन ने चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने पर सहमति जताई थी। इस समझौते में डिएगो गार्सिया पर लंबे समय तक के लिए लीज हासिल की गई थी। हालांकि, अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने इस डील को लेकर सुरक्षा चिंता जाहिर की, क्योंकि मॉरीशस के चीन और ईरान के साथ राजनयिक संबंध हैं। अमेरिकी अधिकारियों को डर है कि संप्रभुता सौंपने से रणनीतिक रूप से संवेदनशील बेस के आसपास निगरानी से जुड़े खतरों का जोखिम बढ़ सकता है।
ट्रंप ने कहा था बेवकूफी वाला कदम – ट्रंप ने ब्रिटेन और मॉरीशस के समझौते की आलोचना की थी और इसे बड़ी बेवकूफी वाला कदम बताया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि ब्रिटेन इस इलाके पर अपना रणनीतिक नियंत्रण खो रहा है। अमेरिकी विरोध के कारण चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस को सौंपने की योजना में देरी हुई है। ब्रिटेन ने कहा है कि वह किसी भी ट्रांसफर को तभी आगे बढ़ाएगा जब वॉशिंगटन इस व्यवस्था पर सहमत हो।